: वोटर कार्ड को आधार से लिंक कराने के लिए चलाया गया जागरुकता अभियान
हरी सब्जियों की कीमत औसतन 25 से 40 रुपये प्रति किलो हुई
सितंबर महीना प्रारम्भ होते ही अचानक टमाटर की कीमत 80 रुपये प्रति किलो हो गयी है. अचानक हुए मूल्य वृद्धि के कारण सब्जी विक्रेता भी अब अपनी दुकानों में कम मात्रा में टमाटर रखने लगे हैं. उन्हें यह भय सताने लगा है कि ऊंची कीमत के कारण बिक्री नहीं होने से उनको स्वयं घाटा न उठानी पड़े. इसी क्रम में अन्य हरी सब्जियों की कीमतों में भी आंशिक बढोत्तरी होने लगी है. मौजूदा समय में सभी प्रकार की हरी सब्जियों की कीमत औसतन 25 से 40 रुपये प्रति किलो हो गयी हैं. सब्जी विक्रेताओं के अनुसार जो ग्राहक एक किलो टमाटर खरीदा करते थे अब वे एक पाव खरीदने लगे हैं. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-the-information-about-the-dilapidated-road-was-given-to-the-chief-minister-by-tweeting/">आदित्यपुर: मुख्यमंत्री को ट्वीट कर दी जर्जर सड़क की जानकारी
खेतों में जलजमाव के कारण सब्जी के पौधे गल कर नष्ट हो गए
सब्जी विक्रेताओं की मानें तो विगत दिनों हुए मूसलाधार बारिश के कारण खेतों में हुए जलजमाव के कारण सब्जी के पौधे गल कर नष्ट हो गए हैं. यही कारण है कि टमाटर का उत्पादन ही घट गया है. जब तक नए पौध में उत्पादन नहीं होंगे टमाटर के कीमत में कमी नहीं आएगी. ज्ञात हो कि सिंचाई की व्यवस्था नहीं रहने के कारण सरायकेला क्षेत्र में सब्जियों का उत्पादन नहीं के बराबर होता है. चांडिल, बुंडू, पटमदा एवं बंगाल सीमा क्षेत्र से सब्जियां मंगा कर स्थानीय सब्जी विक्रेता दुकानदारी करते हैं. इसे भी पढ़ें :किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-if-khatian-of-1932-is-implemented-then-the-tribals-of-saranda-will-be-deprived-of-government-schemes/">किरीबुरू: 1932 का खतियान लागू हुआ तो सारंडा के आदिवासी सरकारी योजनाओं से हो जायेंगे वंचित [wpse_comments_template]

Leave a Comment