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नियोजन और स्थानीय नीति के लिए नहीं, विश्वास मत हासिल करने के लिए बुलाया गया सत्र : लोबिन हेम्‍ब्रम

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Ranchi : सोमवार को झारखंड विधानसभा सत्र में स्थानीय और नियोजन नीति को लाने के कयास का झामुमो विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने खंडन किया है. उन्होंने कहा कि उन्हें मिले पत्र के मुताबिक हेमंत सरकार सदन में फिर से विश्वास मत हासिल करने के लिए यह सत्र बुला रही है. लोबिन हेम्ब्रम ने कहा कि वे अभी कंफर्म नहीं हैं कि सोमवार को सदन में ऐसा कुछ होगा. अगर सरकार ऐसा कर रही है, तो यह एक तरह से ड्रामा होगा. क्योंकि कैबिनेट में अभी तक इसका कोई मसौदा तैयार नहीं हुआ है. कैबिनेट में आता तो मैं समझता. देखा जाए, तो लोगों को भूल-भुलैया में रखने का काम किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : चार्टर्ड">https://lagatar.in/upa-mla-returned-to-ranchi-by-chartered-flight-will-spend-the-night-in-circuit-house-will-participate-in-special-session-tomorrow/">चार्टर्ड

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11 सितंबर को रांची में झारखंड बचाओ मोर्चा की रैली

अपने आवास में रविवार को प्रेस से बातचीत में झामुमो विधायक ने कहा कि आदिवासी-मूलवासी के हितों को लेकर आगामी 11 सितंबर को झारखंड बचाओ मोर्चा की एक रैली राजधानी रांची में आयोजित की गई है. इसमें राज्यभर के कार्यकर्ताओं का महाजुटान होगा. इस दौरान सीएनटी-एसपीटी एक्ट, स्थानीय नीति, नियोजन नीति और पेसा एक्ट सख्ती से लागू कराने पर जोर होगा. उन्होंने कहा कि सीएनटी-एसपीटी एक्ट आदिवासी-मूलवासी की भावना से जुड़ा है. यह आदिवासियों की सुरक्षा कवच है. लेकिन आज तक इसे सख्ती से लागू नहीं किया गया. छत्तीसगढ़ और झारखंड राज्य का गठन एक समय में हुआ था. छत्तीसगढ़ में नियमावली बनाकर पेसा कानून लागू कर दिया गया, पर झारखंड में नहीं. देखा जाए, तो यह कानून कई स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान के बाद लागू हुआ है.

आदिवासी मूलवासी की जमीनों पर बनाया जा रहा है मॉल

झामुमो विधायक ने कहा क‍ि आज सीएनटी एक्ट रहते आदिवासी मूलवासी की जमीन पर मॉल बनाया जा रहा है. धुर्वा स्थित मूसा टोली इसका जीता जागता उदाहरण है. बरसात के मौसम में यहां के लोगों के मकान को ढहा दिया गया. एचईसी निर्माण के लिए हजारों आदिवासियों ने अपनी जमीन दी. आज भी कई हजार एकड़ जमीन परती पड़ी है. नियम कहता है कि कंपनी अगर 12 साल तक जमीन का उपयोग नहीं करती है, तो जमीन मालिकों को उसका मलिकाना हक वापस करना होगा, लेकिन यहां ऐसा नहीं हो रहा है.

आखिर बहुमत साबित करने की जरूरत क्यों पड़ी

लोबिन ने कहा क‍ि सवाल यह उठता है कि आखिर बहुमत साबित करने की जरूरत क्यों पड़ी. न ही राज्यपाल ने न ही केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने ऐसा करने को कहा है. सरकार के पास पर्याप्त संख्या में बहुमत का आंकड़ा है. यह सरकार चलेगी और इस सरकार को बचाने के लिए मैं हमेशा साथ रहूंगा. मैं देखूंगा कि आखिर मुझे कौन खरीद लेगा. इसे भी पढ़ें : बड़ी">https://lagatar.in/big-news-three-people-were-beaten-to-death-on-the-charge-of-witch-bisahi/">बड़ी

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