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चीन में आया जोरदार भूकंप, दिल्ली-NCR की भी धरती डोली, किर्गिस्तान-कजाखस्तान पर भी असर

Beijing :  चीन में पश्चिमी शिनजियांग क्षेत्र में सोमवार देर रात भूकंप के जोरदार झटके महसूस किये गये. इसके बाद एक के बाद एक कई बार धरती डोली. भूकंप के कारण छह लोगों (दो गंभीर रूप से और चार को मामूली चोटें) के घायल होने की खबर है. वहीं 47 मकान ध्वस्त, 78 मकान क्षतिग्रस्त और कुछ कृषि भवन ढह गये हैं. चीन की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, स्थानीय समयानुसार देर रात दो बजे अक्सू प्रांत की वुशु काउंटी की धरती कांपी. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 7.1 थी.

किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान में घर के सामान हिल रहे थे

चीन के पड़ोसी देश किर्गिस्तान, उज्बेकिस्तान और कजाखस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस किये गये. किर्गिस्तान में 7 तीव्रता, उज्बेकिस्तान में 3-4 तीव्रता और कजाखस्तान के अल्माटी शहर में 5 तीव्रता के झटके महसूस किये गये. रिपोर्ट्स के मुताबिक, किर्गिस्तान-झिंजियांग बॉर्डर पर कई मकान ढह गये हैं. इसमें कई लोग घायल भी हुए हैं. भूकंप के बाद शिनजियांग रेलवे विभाग ने 27 ट्रेनों के परिचालन रोक दिया है. इस भूकंप से कितना नुकसान हुआ है. इसका पता अभी नहीं चल पाया है. लेकिन सोशल मीडिया पर कई वीडियोज वायरल हो रहे हैं. जिसमें देखा जा सकता है कि लोग घरों से बाहर निकल रहे हैं. साथ ही घर के पंखे सहित अन्य सामान हिल रहे हैं.

दिल्ली-एनसीआर में भूकंप के जोरदार झटके आये

चीन में आये भूकंप का असर भारत में भी देखने को मिला. यहां दिल्ली- एनसीआर के साथ ही देश के दूसरे हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किये गये. ठंड के बावजूद लोग अपने-अपने घरों से बाहर निकलकर खुली जगहों पर पहुंच गये. इससे पहले 11 जनवरी को भी दिल्ली-एनसीआर समेत जम्मू-कश्मीर में भूकंप आया था. जिसका केंद्र अफगानिस्तान के फैजाबाद में था.

इस इलाके में 1978 में आया था इतनी अधिक तीव्रता वाला भूकंप 

अमेरिकी भूगर्भीय सर्वेक्षण ने बताया कि भूकंप तियान शान पर्वत श्रृंखला में आया जो भूकंप के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र हैं. हालांकि यहां इतनी ज्यादा तीव्रता का भूकंप कभी-कभार ही आता है. इससे पहले यहां 1978 में सबसे अधिक 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था.

दिसंबर में भूकंप ने चीन में मचायी थी भारी तबाही

बता दें कि 18 दिसंबर को उत्तर पश्चिम चीन में भूकंप ने भारी तबाही मचायी थी. चीन के गांसू प्रांत और पड़ोसी किनघई प्रांत में आधी रात को 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था. इस भूकंप से कम से कम 111 लोगों की मौत हो गयी थी. वहीं 200 से ज्यादा लोगों के  घायल होने की खबर थी. भूकंप से मकानों, सड़कों और अन्य बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा था. कई गांवों में बिजली गुल हो गयी थी और पानी की आपूर्ति बाधित थी.

प्लेटों के टकराने से आता है भूकंप

भू-विज्ञान के मुताबिक, पूरी धरती 12 टैक्टोनिक प्लेटों पर स्थित है. धरती के नीचे मौजूद ये प्लेटें बेहद धीमी रफ्तार से घूमती रहती हैं. हर साल 4-5 मिमी अपनी जगह से खिसक जाती हैं. इस दौरान कोई प्लेट किसी के नीचे से खिसक जाती है, तो कोई दूर हो जाती है. इस दौरान जब प्लेटें आपस में टकराती हैं तो भूकंप आता है. [wpse_comments_template]

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