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गुजरात, असम, केरल सहित कई राज्य भारी बारिश से त्राहिमाम, अल नीनो का प्रभाव नहीं

असम में 82 लोगों की मौत हो जाने की खबर है. राज्य में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. गुजरात की बात करें तो यहां 40 लोगों की मौत बाढ़ और बारिश में फंसने के कारण हो चुकी है, केरल में 8 लोगों मारे जा चुके हैं. भारी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं.
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New Delhi : देश में मानसून अपने रौद्र रूप में है. पश्चिम और पूर्वोत्तर की बात करें तो गुजरात  और असम में भारी बारिश के कारण त्राहिमाम है. दक्षिण में केरल तक भारी बारिश से जनजीवन हलकान है. इन राज्यों में नदियां उफान पर हैं, शहर दर शहर पानी पानी है.

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पहाड़ी इलाकों पर नजर डालें तो यहां भूस्खलन की घटनाएं बढ़ी हैं. असम में 82 लोगों की मौत हो जाने की खबर है. राज्य में लगभग 2 लाख लोग बाढ़ से प्रभावित हैं. गुजरात की बात करें तो यहां 40 लोगों की मौत बाढ़ और बारिश में फंसने के कारण हो चुकी है,  केरल में 8 लोगों मारे जा चुके हैं. भारी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं.

 

गुजरात में लगातार बारिश के कारण कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. निचले इलाकों में  बाढ़ जैसे हालात बने हुए है. असम में ब्रह्मपुत्र और उसकी सहायक नदियां उफन रही हैं.कई जिलों में बाढ़ का संकट गहरा गया है. केरल में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण जनजीवन प्रभावित है. राहत कार्य में बाधा आ रही है.

 

विशेषज्ञों की मानें तो अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय मानसूनी सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं, इसलिए देश के अलग-अलग हिस्सों में एक ही समय पर भारी बारिश देखने को मिल रही है.  मौसम वैज्ञानिक इस बात का आकलन कर रहे हैं कि जब अल नीनो (El Nino) की स्थिति बनी हुई है, तो  फिर इन राज्यों में  मूसलाधार बारिश क्यों हो रही है?

 

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस साल हिंद महासागर का तापमान सामान्य से अधिक है. जानकारी दी कि गर्म समुद्र अधिक जलवाष्प छोड़ता है, जिससे वातावरण में नमी बढ़ जाती है. इस साल MJO भी सक्रिय है.

 

बताया ति यह एक ऐसी वैश्विक मौसमीय प्रणाली है जो बादलों और बारिश की एक्टिविटी को तेज कर सकती है. जब MJO, सक्रिय मानसूनी ट्रफ और लो प्रेशर सिस्टम एक साथ काम करते हैं तो अत्यधिक वर्षा की संभावना बढ़ जाती है.


  
अल नीनो के  प्रभाव की बात करें तो विशेषज्ञों के अनुसार IOD की अनुकूल स्थिति ने इस बार महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. सकारात्मक IOD  अधिक नमी पहुंचाने में मदद करता है. इससे अल नीनो के नकारात्मक प्रभाव काफी हद तक कमजोर पड़ जाते हैं.

 

यही वजह है कि अल नीनो मौजूद होने के बावजूद भारत के कई हिस्सों में सामान्य से अधिक वर्षा हो रही है.मौसम विभाग का आकलन है कि आने वाले दिनों में कई राज्यों में मानसून सक्रिय रहेगा. मध्य भारत, पश्चिमी भारत, पूर्वोत्तर और पश्चिमी तट के राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है.

 

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