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इबादत और बरकत की रात है शब-ए-बरात : संजर मलिक

Hazaribagh : अरबी चांद के 10वें महीने शाबान उल मुअज्जम की 14वीं शब को शब-ए-बरात मुबारक मनाया जाता है. इसी महीने अल्लाह तबारक व ताअला एक साल का हिसाब कर देते हैं और अपने बंदो की कौन कितना जिएगा, कौन फौत होगा, किसे कितना रिजक मिलेगा, कौन पैदा होगा, किस के हिस्से सिराते मुस्तकीम पर चलने की तौफीक मिलेगी, कौन घाटे में पड़ेगा, किसे नफा होगा और कौन बदकिस्मत नुकसान उठाएगा, हर कदम की किताब लिखी जाती है. यह जानकारी देते हुए राजद जिलाध्यक्ष संजर मलिक ने बताया कि शब-ए-बारात इबादत और बरकत की रात है. इस रात की बड़ी फजीलत है. रब कहता है जो कोई मुझ से मांगे रोते, गिड़गिड़ाते, आंसू बहाते आज इस बरकत की रात में उस हर जायज दुआ कबुल फरमाउंगा. आज की रात परवरदिगार अपने बंदों की बख्शीस कर देते हैं. उन लोगों को छोड़ कर जो अपने मां-बाप की नाफरमानी करता है, उनकी इज्जत नहीं करता, उन्हें तकलीफ देता है, मुशरिक, झूठ बोलने वाले की, शराबी एवं जानी की अपनों से रिश्तों को तोड़ने वालों की, नाहक किसी के माल हड़पने, चोरी-बेईमानी करने वालों की, बेकसुरों के कातिलों की दुआएं कबूल नहीं होंगी. अकीदतमंदों को नफिल नमाज, कुरान पाक की तिलावत, शिदक दिल से माफी मांगनी चाहिए, मौला आज की दुआ कभी रद्द नहीं करते. आज की रात नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहो अलैह वसल्लम जनतुल बकी कब्रिस्तान गए थे. अपने अजीज, दोस्तों और मोमिनों के लिए मगफीरत की दुआ की थी. उसी वक्त से शब-ए-बरात मनाने का यह सिलसिला चला आ रहा है. लोग अपने मरहुमिन के एसाले सवाब एवं मगफिरत की दुआएं करने के लिए कब्रिस्तान में जाते हैं. इस रात की होने वाली सुबह मुबारक है. इसलिए रोजे भी रखे जाते हैं. राजद हजारीबग जिला अध्यक्ष सह शांति समिति सदस्य व समाजसेवी संजर मलिक ने कहा कि यह खुशी का पल है. अपने बगिया हिंदुस्तान की साथ में होली भी है. बुराई को जला कर अच्छाई को समेटते हुए रंगों का मिश्रण हम आपस में मिलकर गले लगा कर मनाते हैं. आज एक साथ त्योहारों का संगम गंगा जमनी तहजीब का गवारा यूं बना रहे. दुआ करते हैं कि सभी को हार्दिक शुभकामनाएं, बधाइयां, मुबारकबाद पेश करते हैं. इसे भी पढ़ें :  राजीव">https://lagatar.in/rajeev-episode-raghuvar-said-if-he-is-not-able-handle-hemant-should-hand-over-throne-guruji-brother-or-sister-in-law/">राजीव

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