Ranchi News : जेपीएससी-जेएसएससी (JPSC-JSSC) परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहे छात्र आंदोलन के बीच अमीषा प्रसाद ने पुलिस-प्रशासन की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं. उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आंदोलनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं. अमीषा ने कथित तौर पर झूठे मुकदमे कर छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया है.
अमीषा प्रसाद ने शहबाज आलम, जिसने आंदोलनकारी छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया है, पर भी जमकर निशाना साधा. उसने शहबाज आलम को टेबल टॉक करने की खुली चुनौती दी. कहा कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप सही हैं तो संबंधित पक्ष सामने आकर उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों के सबूत पेश करे.
अमीषा ने कहा कि आमने-सामने बातचीत से यह स्पष्ट हो सकता है कि लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है. बता दें कि शहबाज आलम ने उनके खिलाफ दंगा फैलाने और मारपीट जैसे आरोपों में प्राथमिकी दर्ज कराई है. हालांकि, अमीषा का दावा है कि आंदोलन के दौरान छात्रों ने किसी तरह के प्रोटोकॉल का उल्लंघन नहीं किया गया.
बिना नोटिस हिरासत में लेने का आरोप
अमीषा प्रसाद ने पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं. आरोप लगाया है कि उन्हें बिना किसी पूर्व नोटिस या वारंट के घर से हिरासत में लिया गया और करीब छह से सात घंटे तक रखा गया. अमीषा का यह भी आरोप है कि सदर थाना प्रभारी की ओर से उन्हें पुराने मामलों में फंसाने की कोशिश की गई. साथ ही, मीडिया के सामने भी उनके बारे में गलत जानकारी दी गई.
छात्रों पर झूठे केस का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस में JPSC-JSSC Reform Manch की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि करीब 14 पुरुष छात्रों, जिनमें रविंद्र और कुणाल सर समेत अन्य लोग शामिल हैं, के खिलाफ छेड़खानी जैसे गंभीर आरोपों में कथित तौर पर झूठी प्राथमिकी दर्ज की जा रही है. मंच से जुड़ी छात्राओं ने इन आरोपों को गलत बताया और कहा कि कानून का गलत इस्तेमाल कर निर्दोष छात्रों को फंसाने की कोशिश हो रही है. उनका कहना है कि इससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो सकता है.
महिलाओं से बदसलूकी का भी आरोप
JPSC-JSSC Reform Manch की कोर सदस्य प्रतिमा कुमारी ने प्रशासन पर दोहरे रवैये का आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि एक पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान छात्रों के समर्थन में पहुंची महिलाओं के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई.
प्रतिमा कुमारी के मुताबिक, इस मामले में शिकायत दर्ज कराने के लिए वे लगातार दो दिनों तक थाने के चक्कर लगाती रहीं, लेकिन पुलिस ने उनकी प्राथमिकी दर्ज नहीं की. मंच ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य के अलग-अलग जिलों में पुलिस की मौजूदगी में छात्रों पर बल प्रयोग किया गया. हालांकि, इन आरोपों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
CBI जांच की मांग दोहराई
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंच ने JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच CID के बजाय CBI से कराने की मांग दोहराई. इसके साथ ही छात्रों के खिलाफ दर्ज कथित फर्जी मुकदमे वापस लेने और JPSC सिविल सेवा परीक्षा को UPSC के माध्यम से कराने की मांग भी रखी गई.
मुख्यमंत्री से छात्रों से सीधे संवाद की अपील
अमीषा प्रसाद ने मुख्यमंत्री से अधिकारियों के जरिए आंदोलन की जानकारी लेने के बजाय सीधे छात्रों से बातचीत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि छात्रों की बात सुनी जानी चाहिए और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार होना चाहिए. मंच ने चेतावनी दी कि अगर छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज कर आंदोलन को दबाने की कोशिश जारी रही और उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.