प्रभावित पक्षों को अदालत में आने दें
याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि वे अनधिकृत कब्जाधारी या अतिक्रमणकर्ता नहीं हैं, जैसा कि दक्षिण दिल्ली नगर निगम और अन्य ने आरोप लगाये हैं. याचिकाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की और साफ कर दिया कि कोर्ट इन पर आगे सुनवाई नहीं करेगा. शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता से इस संबंध में उच्च न्यायालय से संपर्क करने को कहते हुए कहा कि "प्रभावित पक्षों को अदालत में आने दें."बुलडोजर के पहुंचने पर हुआ था हंगामा
इससे पहले दिन में दक्षिणी दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) के अधिकारियों के अतिक्रमण रोधी अभियान को अंजाम देने के लिए बुलडोजर के साथ दिल्ली के शाहीनबाग इलाके में पहुंचते ही महिलाओं सहित सैकड़ों स्थानीय लोग वहां धरने पर बैठ गए और विरोध-प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने भारतीय जनता पार्टी शासित एसडीएमसी और केन्द्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और कार्रवाई रोकने की मांग की. एसडीएमसी के अधीन सेंट्रल जोन में आने वाला शाहीनबाग दिसंबर 2019 में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के खिलाफ प्रदर्शन और धरने का केंद्र रहा था. शहर में कोविड महामारी फैलने के बाद मार्च 2020 में यहां धरना प्रदर्शन बंद किया गया था. इसे भी पढ़ें – ज्ञानवापी">https://lagatar.in/court-will-decide-on-may-10-the-new-date-of-survey-in-gyanvapi-masjid/">ज्ञानवापीमस्जिद में सर्वे की नयी तारीख 10 मई को तय करेगी अदालत [wpse_comments_template]

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