Search

शर्म आती है कि आप हमारे बच्चों के प्रिंसिपल हैं!

कल सोशल मीडिया पर एक टिप्पणी पढ़ी. सीबीएसई से मान्यता प्राप्त स्कूल के प्रिंसिपल के वीडियो रील पर एक व्यक्ति ने लिखा- हमें शर्म आती है कि आप हमारे बच्चों के स्कूल के प्रिंसिपल हैं. वीडियो में प्रिंसिपल कह रहे थे कि सीबीएसई का ओएसएम यानी ऑनलाइन स्क्रिन मार्किंग सिस्टम कितना अच्छा है. कितना आसान है और कितने फायदेमंद है.

 


दरअसल, सीबीएसई की 12वीं की रिजल्ट में गड़बड़ियां सामने आने के बाद बहुत सारे प्रिंसिपल ऐसे ही वीडियो जारी कर रहे हैं. जिसमें ओएसएम को क्रांतिकारी बताया जा रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स में यह बताया गया है कि यह सब वह केंद्र सरकार और सीबीएसई के कहने पर कर रहे हैं. संभव है दबाव में कर रहे हों. यानी प्रिंसिपल अब सीबीएसई का तोता बन गये हैं.

 


सरकार यह सब कर, कराके यह साबित करना चाह रही है कि उसके सिस्टम की कोई गड़बड़ी नहीं है. जिन चार लाख बच्चों ने अपने रिजल्ट पर आपत्ति  जतायी है, उत्तर पुस्तिका की मांग की है, वह जो मानसिक पीड़ा से गुजर रहे हैं, वह सब मामूली बात है. बच्चों व उनके अभिभावकों को यह समझाया जा रहा है कि कोई भी नया सिस्टम आता है तो शुरु शुरु में कुछ गलतियां हो जाती हैं. 

 

 

सवाल यह उठता है कि क्या हम अब इस हालात में पहुंच गये हैं कि 12वीं की परीक्षा देने वाले 22 लाख में से चार लाख बच्चों का रिजल्ट खराब होने की घटना को "गलतियां हो जाती हैं" कह कर जिम्मेदारी से मुक्त हो जायें. अगली बार देखा जायेगा. शिक्षा का हमारा सिस्टम इतना खराब हो गया है कि अब किसी को फर्क ही नहीं पड़ता. अगर ऐसा है तो अब यह मान करके चलिये कि आपके बच्चों को अशिक्षित रखने, टैलेंट को खत्म करने की शुरुआत जो सरकारी स्कूलों से शुरु हुई थी, अब निजी स्कूलों तक पहुंच चुकी है.

 

 

 हम उस हालात में पहुंच चुकें हैं कि सवाल उठाने वालों को पाकिस्तानी बताकर सबको चुप करा दिया जाता है और इससे बहुत सारे लोग खुश हो जाते हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें. 

बेहतर अनुभव व ज्यादा खबरों के लिए ऐप पर जाएं

ऐप डाउनलोड करने के लिए QR स्कैन करें
Scan QR Code
Available on App Store & Play Store
Download for Android Download for iOS

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//