- हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को आवश्यकता से अधिक तूल दिया गया
- जेपीसी की जांच की मांग व्यर्थ, जांच सुप्रीम कोर्ट कमिटी से ही कराई जानी चाहिए
- एक इंडस्ट्रियल ग्रुप को टारगेट किया जा रहा है
- जिन क्षेत्रों के लिए अडानी काम कर रहे हैं, देश को उनकी जरूरत
Mumbai : अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट के बाद कांग्रेस एक ओर केंद्र पर हमलावर है, वहीं उसकी सहयोगी एनसीपी की राय इस मामले में अलग है. एनसीपी चीफ शरद पवार ने शुक्रवार को गौतम अडानी को क्लीन चिट देते हुए कहा कि एक इंडस्ट्रियल ग्रुप को टारगेट किया गया. इस मामले में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की जांच की मांग व्यर्थ है. उन्होंने एक टीवी न्यूज चैनल से कहा कि हिंडनबर्ग की रिपोर्ट को आवश्यकता से अधिक तूल दिया गया. इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट कमिटी से ही कराई जानी चाहिए. अदालत के फैसले के बाद जेपीसी जांच का कोई महत्व नहीं रह जाएगा. पवार के इस बयान से विपक्षी दलों की नींद उड़ गई है. कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है.
अडानी मामले को ज्यादा तवज्जो दी गई
शरद पवार ने कहा कि पहले भी इस तरह के बयान सामने आए और कई दिनों तक संसद में हंगामा बरपा. लेकिन इस बार अडानी मामले को ज्यादा तवज्जो दी गई. जिन लोगों ने अडानी को लेकर बयान दिए, उनकी पृष्ठभूमि क्या है? संसद में अडानी मामले की जीपीसी जांच को लेकर कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दलों ने खूब हंगामा किया. इसको लेकर शरद पवार ने कहा कि हम कांग्रेस के विचारों से ताल्लुक नहीं रखते. महाराष्ट्र में कांग्रेस, एनसीपी और शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) का गठबंधन है. पवार ने कहा कि अडानी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई है और जांच करने के लिए कहा है.
जेपीसी से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं
शरद पवार ने साफ कहा कि विपक्ष जेपीसी की मांग कर रहा है. अगर जेपीसी से जांच कराई भी जाती है, तो निगरानी सत्ता पक्ष के पास होगी और सत्ता पक्ष के पास बहुमत है. ऐसे में सच कैसे सामने आएगा? पवार ने कहा कि अडानी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक्सपर्ट कमेटी बनाई है और जांच करने के लिए कहा है. अब सच सामने आने की बेहतर संभावनाएं हैं. ऐसे में जेपीसी से जांच कराने की कोई जरूरत नहीं है.
जिन क्षेत्रों के लिए अडानी काम कर रहे हैं, देश को उनकी जरूरत
शरद पवार ने कहा कि जब हम राजनीति में आए तो हमें सरकार के खिलाफ बोलना होता था. हम तब टाटा-बिड़ला के नाम का इस्तेमाल करते थे. हम इनके योगदान को समझते थे, लेकिन फिर भी हम इनके खिलाफ बोलते थे. आज टाटा-बिड़ला का नहीं अंबानी-अडानी का नाम चल रहा है. इसलिए जब सरकार पर हमला करना होता है, तो विपक्ष अडानी-अंबानी का नाम लेता है. पवार ने कहा कि कुछ गलत किया है तो आपको बोलने का अधिकार है, लेकिन बिना वजह हमला करना मेरी समझ से बाहर है. उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों के लिए अडानी काम कर रहे हैं, देश को उनकी जरूरत है.
देश के विकास में अंबानी का बड़ा योगदान
पवार ने आगे कहा कि अंबानी का योगदान पेट्रोकेमिकल क्षेत्र में है, बिजली के क्षेत्र में है. क्या देश को इसकी जरूरत नहीं थी. इन लोगों ने जिम्मेदारी ली और इन क्षेत्रों के लिए काम किया. उन्होंने एक इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है, इसलिए इसकी आलोचना मुझे ठीक नहीं लगती.
पवार का यह निजी विचार, विपक्षी दल एकजुट- कांग्रेस
पवार के इस बयान के बाद कांग्रेस ने बयान जारी किया है. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि यह उनके (शरद पवार) अपने विचार हो सकते हैं. जयराम रमेश ने कहा, इस मामले में 19 विपक्षी दल एकजुट हैं. हम सभी इस पूरे मामले को बेहद गंभीर मानते हैं. साथ ही उन्होंने दावा किया कि बीजेपी के खिलाफ एनसीपी सहित 20 विपक्षी दल एक साथ हैं.
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