New Delhi : कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आर्थिक कुप्रबंधन का आरोप लगाया है, लोकसभा में बुधवार को वर्ष 2024-25 के लिए अंतरिम केंद्रीय बजट, लेखनुदानों की मांगों, अनुदानों की अनुपूरक मांगों, जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र अंतरिम बजट, जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र के लिए लेखानुदानों की मांगों और जम्मू-कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगों पर चर्चा हुई.
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थरूर ने सरकार पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आंकड़े छिपाने का आरोप लगाया
चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार पर कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों में आंकड़े छिपाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अब एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन-राजग) का मतलब नो डेटा अवेलेबल (कोई आंकड़ा उपलब्ध) हो गया है. पूर्व केंद्रीय मंत्री थरूर का कहना था कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में युवा, महिला, गरीब और किसान के रूप में चार जातियों की बात की है, लेकिन सच्चाई यह है कि इस सरकार में इन्हीं चार वर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ी है.
81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 साल में लोगों के साथ विश्वासघात हुआ है, जबकि सरकार सबका साथ, सबका विकास के नारे और लोक-लुभावन बातें करके सत्ता में आयी थी. थरूर ने बेरोजगारी का उल्लेख करते हुए कहा, आज युवा रोजगार की तलाश में अपनी जान जोखिम में डालकर इजराइल जाने को तैयार हैं. उन्होंने कहा, सरकार का दावा है कि 25 करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया. अगर ऐसा है तो 81 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज देने की जरूरत क्यों पड़ रही है?
संप्रग सरकार के समय सबसे तेजी से गरीबी कम हुई थी
थरूर का कहना था कि संप्रग सरकार के समय सबसे तेजी से गरीबी कम हुई थी जब 2005 से 2015 के दौरान 27 करोड़ लोग गरीबी से बाहर निकले थे. उन्होंने कहा कि सरकार उन सभी मोर्चों पर विफल है जहां वह अपनी पीठ थपथपाती है. थरूर ने कहा, हमारी अर्थव्यवस्था और आम आदमी को प्रभावित करने वाले संकट के समाधान के लिए सरकार ने कुछ नहीं किया है. आने वाला चुनाव दूसरे दलों को मौका देगा कि वे सरकार को उसकी बयानबाजी को लेकर आईना दिखायें. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास सिर्फ कथनी है, करनी नहीं है. थरूर ने कहा कि नोटबंदी और कोरोना संकट के कारण बड़ी संख्या में लोगों के रोजगार छिन गये थे, उन्हें अब तक दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है. बेरोजगारी की दर इस समय 45 साल के उच्चतम स्तर पर है.
देश की हालत यह है कि लोग देश छोड़ने लगे हैं
उन्होंने कहा, कोरोना काल में मजदूरों को जो परेशानी उठानी पड़ी थी, उसे कोई भूला नहीं है. उन्होंने दावा किया कि मध्य वर्ग और ग्रामीणों की आय कम हुई है, सरकार दावा कर रही है कि 25 करोड़ लोग गरीबी से उबरे हैं लेकिन इसके समर्थन में किसी राष्ट्रीय सर्वे का हवाला नहीं दिया जा रहा है. कांग्रेस नेता ने कहा, देश की हालत यह है कि लोग देश छोड़ने लगे हैं. विदेश मंत्री ने सदन में बताया है कि 16 लाख भारतीयों ने देश की नागरिकता छोड़ दी है. [wpse_comments_template]
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