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फंड और वेतन के इंतजार में आश्रय गृह के कर्मचारी

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अनदेखी : शहर में कुल 10 आश्रय गृह, 3 महीने से न वेतन मिल रहा, न मेंटेनेंस खर्च

Tarun Kumar Choubey Ranchi: राजधानी के 10 आश्रय गृहों के कर्मचारियों को पिछले तीन महीने से वेतन नहीं मिला है. अप्रैल से पहले सारे आश्रय गृह का संचालन निजी एजेंसी के हाथों में था. अप्रैल से केंद्र सरकार के आदेश के बाद देश के सारे आश्रय गृहों को चलाने की जिम्मेदारी नगर निकायों को दे दी गई. लेकिन आश्रय गृहों को फंड कहां से दिया जाएगा, इसके बारे में कोई रूप रेखा अभी तक तय नहीं की गई है. सहायक नगर आयुक्त ज्योति सिंह ने इस संबंध में निदेशालय को कई बार फंड के लिए पत्र भी लिखा, लेकिन कोई भी जवाब नहीं मिला है. बुधवार को स्टेट लेवल शेल्टर मैनेजमेंट कमेटी और नगर निगम के सदस्यों ने 5 आश्रय गृहों का निरीक्षण किया था. निरीक्षण में आश्रय गृह की स्वच्छता पर संतुष्टि जताते हुए शेल्टर मैनेजमेंट ने कर्मचारियों को उनका मानदेय जल्द दिलाने का आश्वासन दिया.

मेंटेनेंस के लिए भी फंड नहीं

शहर में कुल 10 आश्रय गृह हैं. इनमें महिलाओं के लिए सिर्फ 1 आश्रय गृह आरक्षित है. आदेश से पहले 10 बेड या उससे अधिक बेड वाले आश्रय गृह को मेंटेनेंस के लिए हर महीने 34 हजार रुपए मिलते था. 25 बेड से अधिक वाले आश्रय गृह को हर महीने 50 हजार रुपए दिए जाते थे. लेकिन पिछले 3 महीने से कर्मचारीयों के वेतन के साथ इनके संचालन के लिए भी फंड नहीं दिया गया है.

क्या कहते हैं आश्रय गृह के कर्मचारी

खादगढ़ा स्थित पुरुष आश्रय गृह के कर्मचारी अखिलेश कुमार ने बताया कि उन्हें पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. वेतन मांगे जाने पर निगम के अधिकारी बहाना बना कर बात टाल देते हैं. खादगढ़ा में ही स्थित महिला आश्रय गृह महिलाओं के लिए शहर में इकलौता आश्रय गृह है. वहां की कर्मचारी ललिता कुमारी ने कहा कि उनको पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है. एजी मोड़ स्थित आश्रय गृह में काम करने वाले इरफान अंसारी ने बताया कि उनका पिछले 3 महीने से वेतन बकाया है. बकरी बजार, धुर्वा, जगन्नाथपुर और आईटीआई के आश्रय गृह के कर्मचारियों को भी पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिला है.

शहर में कहां-कहां आश्रय गृह

1. बिरसा मुंडा टर्मिनल परिसर खादगढ़ा 50 बेड 2. बिरसा मंडप खादगढ़ा महिलाओं के लिए 50 बेड 3. धुर्वा बस स्टैंड के समीप 16 बेड 4. एजी मोड़ डोरंडा के समीप 10 बेड 5. जगराज मंदिर के समीप 15 बेड 6. मधुकम चूना भट्ठा 10 बेड 7. आईटीआई बस स्टैंड के समीप 8 बेड 8. कर्बला चौक के समीप 10 बेड 9. रिंग्स परिषद में 24 बेड 10. बकरी बाजार में 10 बेड [wpse_comments_template]    

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