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अमन साहू गिरोह से निकाला गया रांची जेल में बंद शूटर चंदन साव, मयंक सिंह ने दी जानकारी

 
अमन साहू गिरोह के मयंक सिंह जारी किया प्रेस विज्ञप्ति, कहां गैंग से शूटर चंदन साव निकाला गया Ranchi :  रांची जेल में बंद शूटर चंदन साव को अमन साहू गिरोह से निकाल दिया है. गिरोह के मयंक सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर इस बात की जानकारी दी. मंयक सिंह ने जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि रांची जेल में बंद पतरातु थाना के सांकुल निवासी चंदन साव को गैंग से निकाला जा चुका है. आज के बाद उसका गैंग से कोई लेना-देना नहीं है. चंदन के बारे में मार्केट के छोटे-छोटे व्यापारी और जो सही तरीके से अपना व्यापार कर रहे हैं, उनसे गलत तरीके एवं जबरन वसूली की शिकायत मिल रही थी. चंदन को बार-बार समझाया गया कि ऐसा रोड छाप काम ना करे. इसके बावजूद चंदन के आचरण में सुधार नहीं हुआ. जिसके चलते मुझे मजबूरन छोटे व्यापारी और अन्य के हित में यह निर्णय लेना पड़ा. मंयक सिंह ने व्यापारियों को आगाह किया कि  अगर अमन साहू और मयंक सिंह के नाम से चंदन किसी भी व्यापारी को फोन कॉल या मैसेज करता है तो उसे नजरअंदाज करें. अगर वह किसी तरह की घटना, धमकी या अन्य कुछ भी करता है तो उसका जिम्मेवार वह खुद होगा. https://lagatar.in/shooter-chandan-sao-lodged-in-ranchi-jail-was-removed-from-aman-sahu-gang/untitled-2-48/"

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खुद का गैंग बनाने का सोच रहा था चंदन

अमन साहू के सबसे खास और शार्प शूटर चंदन साव को एटीएस ने बीते 19 जुलाई 2023 को रांची के ओरमांझी से गिरफ्तार किया था. एटीएस की पूछताछ में चंदन ने चौंकाने वाले खुलासे किये थे. चंदन अमन को बॉस बोलता था. जब से अमन जेल गया था, तब से जेल के बाहर गैंग की कमान चंदन ही संभाल रहा था.  हजारीबाग में रित्विक कंपनी के जीएम शरद बाबू की हत्या के साथ-साथ रंगदारी के लिए लगभग एक दर्जन स्थानों पर हुई गोलीबारी और धमकी जैसी घटनाओं को चंदन  अंजाम देता था. अमन ही चंदन को जेल से संदेश पहुंचाता था. इसके बाद चंदन उस पर अमल करते हुए आगे का काम करता था. चंदन के कहने पर ही रांची के अरगोड़ा में रहने वाले कोयला कारोबारी रंजीत गुप्ता पर साव गिरोह के शूटर वारिश अंसारी ने फायरिंग की थी. इस गोलीबारी को सिर्फ इसलिए अंजाम दिया गया था, ताकि रंजीत गुप्ता से रंगदारी वसूली जा सके. एटीएस की पूछताछ में यह खुलासा हुआ था कि चंदन साव खुद का एक गैंग बनाने की इच्छा रखता था. इसके लिए वह आपराधिक छवि के युवकों को जुटाने के काम में भी लगा हुआ था. चंदन के पास हथियारों की भी कोई कमी नहीं है. [wpse_comments_template]
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