Ranchi: काठीटांड़ चौक पर लगाई गई बैरिकेडिंग अब आम जनता और दुकानदारों के लिए सजा बनती जा रही है. प्रशासन के फैसले के खिलाफ बुधवार को रातु चैम्बर ऑफ कॉमर्स के आह्वान पर काठीटांड़ चौक के सैकड़ों दुकानदारों ने स्वैच्छिक बंद रखा और चौक में एक दिवसीय धरना पर बैठ गए.
इस दौरान दुकानदारों ने कहा कि चौक पर बैरिकेडिंग लगाकर रखना यह ट्रैफिक कंट्रोल नहीं है. ये प्रशासनिक नाकामी छिपाने की साजिश है. चैम्बर ऑफ कॉमर्स के उपाध्यक्ष अमित तिवारी ने आरोप लगाया कि दो साल से बैरिकेडिंग लगी है,लेकिन आज तक दुकानदारों से कोई वार्ता नहीं की गई. चौक पर हर दिन हजारों लोग आते हैं,फिर भी न गोलचक्कर बनाया गया है,न ट्रैफिक सिग्नल लगाए गए हैं और न पुलिस तैनात रहते हैं.
उन्होंने कहा कि प्रशासन मात्र 500 मीटर की दूरी पर बैठा है, फिर भी जमीनी हकीकत से आंख मूंदे हुए है. मोबाइल दुकानदार अजबूल हसन ने कहा कि बैरिकेडिंग के कारण व्यापार ठप हो गया है. अगर किसी को इमरजेंसी में अस्पताल ले जाना पड़े तो बैरिकेडिंग के चलते एक किलोमीटर दूर घुमाकर जाना पड़ता है.

दुकानदारों ने कहा रातु में काठीटांड़ चौक के आसपास के दुकानदार सबसे ज्यादा टैक्स देता है, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से वंचित रखा गया है. दुकानदारों ने चेतावनी दी है कि अगर 15 दिनों के भीतर व्यवस्था नहीं सुधरी, तो आंदोलन और उग्र होगा. इस बीच रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ मौके पर पहुंचे और आंदोलन को समर्थन देते हुए कहा कि जहां जरूरत है,वहीं बैरिकेडिंग होनी चाहिए. प्रशासन निरीक्षण करे.
बैरिकेडिंग के कारण लोग अब रॉन्ग साइड से वाहन चला रहे हैं. प्रशासन अपनी नाकामी छिपा रहा है. मंत्री ने कहा कि जितनी पैसा लगेगा वो हम दिलायेंगे.

स्थानीय लोगों ने बताया कि बैरिकेडिंग के चलते स्कूल-कॉलेज के छात्र एक किलोमीटर घूमकर जाने को मजबूर हैं. वहीं दुकानदारों ने कहा कि पूरी दुकानदारी चौपट हो गई है. एनएच पर भी लगभग सभी कटआउट बंद कर दिए गए हैं.
मौके पर अध्यक्ष जगदीश साहु,सचिव संजय कुमार, कोषाध्यक्ष शैलैद्र कुमार पांडेय, उपाध्यक्ष प्रदीप सिंह,अमित तिवारी,अनुराग हर्ष दुबे, विशाल साहु,सुबोध साहु समेत अन्य शामिल थे.
जानें क्या हैं इनकी मांगें
- नवंबर 2022 से लगी बैरिकेटिंग को अविलंब हटाया जाए, जिससे मुख्य चौराहे पर यातायात बहाल हो सके.
-चौराहे पर छोटा, वैज्ञानिक एवं सुव्यवस्थित गोल पोस्ट/राउंड अबाउट का निर्माण कराया जाए
- स्थायी पर्याप्त संख्या में ट्रैफिक पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए.
- ट्रैफिक सिग्नल लाईट (ऑटोमेटिक स्मार्ट सिग्नल) लगाए जाएं, ताकि पीक आवर में जाम नियंत्रित हो सके.
- पैदल यात्रियों के लिए जेब्रा कॉसिंग, फुटपाथ, स्पीड ब्रेकर तथा रिफ्लेक्टिव साइनेज लगाए जाएं.
- स्कूल कॉलेज और ऑफिस के समय में विशेष ट्रैफिक प्रबंधन योजना लागू की जाए
-भारी वाहनों (ट्रक ट्रेलर, यात्री बस) के लिए रिंग रोड से घुमाओ किया जाए, जिससे दिन में जाम न लगे.
- एम्बुलैस एवं आपातकालीन वाहनों के लिए ग्रीन कॉरिडॉर/प्राथमिकता मार्ग सुनिश्चित किया जाए.
- चौराहे व उसके आसपास यात्री बस और टेम्पो पर सख्त कार्रवाई की जाए.
- मुख्य चौराहे के दोनों तरफ के सहायक मार्ग पर 100 मीटर तक बोतल डिवाइडर लगाई जाए.
- स्थानीय प्रशासन, ट्रैफिक पुलिस एवं NHAI के बीच समन्वय समिति गठित की जाए, जो नियमित निरीक्षण करे.
-जब तक स्थायी समाधान न हो, तब तक अस्थायी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान तत्काल लागू कर के बैरिकेटिंग को अविलंब खोला जाए.
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