- श्रावणी मेला में स्वास्थ्य व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी
- देवघर और बासुकीनाथ में तैनात होंगे 28 विशेषज्ञ डॉक्टर
- मेडिकल इमरजेंसी से निपटेंगे विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम
Ranchi : झारखंड सरकार ने श्रावणी मेले के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए बड़ी तैयारी की है. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग ने 30 जुलाई से 28 अगस्त तक देवघर और बासुकीनाथ में 28 वरीय रेजीडेंट डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की है.
इनमें से 10 डॉक्टरों की तैनाती बासुकीनाथ में, जबकि 18 डॉक्टरों की तैनाती देवघर में की गई है. जिन डॉक्टरों की प्रतिनियुक्ति की गई है, वे फूलो-झानो चिकित्सा महाविद्यालय (दुमका) और शहीद निर्मल महतो चिकित्सा महाविद्यालय (धनबाद) में बॉन्ड सेवा दे रहे वरीय रेजीडेंट हैं.
प्रतिनियुक्त डॉक्टर निश्चेतना, शिशु रोग, चर्म रोग, ईएनटी, नेत्र रोग, सर्जरी, मेडिसिन, हड्डी रोग, पीएसएम और रेडियोलॉजी जैसे अलग-अलग विभागों के विशेषज्ञ हैं. इससे मेले के दौरान आने वाली किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति से तेजी से निपटने में मदद मिलेगी.
विभाग ने सभी डॉक्टरों को तय समय पर देवघर और दुमका के सिविल सर्जन के पास योगदान देने का निर्देश दिया है. इसके बाद सिविल सर्जन जरूरत के अनुसार उनकी शिफ्ट में ड्यूटी लगाएंगे.
मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और अधीक्षकों को भी निर्देश दिया गया है कि सभी डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी के लिए रिलीव करें. साथ ही उनके मूल संस्थान से एक महीने का अग्रिम मानदेय भी दिया जाएगा.
विभाग ने साफ किया है कि मेला अवधि में की गई सेवा को उनकी वरीय रेजीडेंट सेवा का हिस्सा माना जाएगा. मेला खत्म होने के बाद सभी डॉक्टर अपने मूल संस्थान में लौटकर बाकी बॉन्ड सेवा पूरी करेंगे.
स्वास्थ्य विभाग ने चेतावनी भी दी है कि यदि कोई डॉक्टर तय समय पर ड्यूटी जॉइन नहीं करता है तो इसकी सूचना तुरंत विभाग को भेजी जाएगी. ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी. आदेश स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला ने जारी किया है.
Leave a Comment