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शुभम संदेश इंपैक्ट : किरणी बिरहोर की मौत पर राष्ट्रपति भवन ने लिया संज्ञान

  • केंद्रीय कोयला सचिव को दिया कार्रवाई का निर्देश
  • दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने में जिला-प्रशासन कर रहा टाल-मटोल
Praveen Kumar Ranchi : हज़ारीबाग में एनटीपीसी की चट्टी बरियातू कोल परियोजना के दुष्प्रभाव से नाबालिग किरणी बिरहोर की मौत पर अब राष्ट्रपति भवन ने संज्ञान लिया है. एक्टिविस्ट मंटू सोनी की शिकायत पर राष्ट्रपति भवन के अवर सचिव पीसी मीणा ने केंद्रीय कोयला मंत्रालय के सचिव अमृत लाल मीणा को कार्रवाई कर सूचित करने का निर्देश दिया है. इसके पूर्व केंद्रीय जनजातीय मंत्रालय ने झारखंड के मुख्य सचिव और अनुसूचित जाति-जनजाति आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने हज़ारीबाग़ डीसी को आठ सप्ताह में कार्रवाई का निर्देश दे चुका है. एनटीपीसी के चट्टी बरियातू कोयला खनन परियोजना से महज कुछ दूरी पर लुप्तप्राय आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय की एक बस्ती है. वहां एनटीपीसी के एमडीओ ऋत्विक-एएमआर द्वारा खनन कार्य किया जा रहा है. खनन के दुष्प्रभाव में नाबालिग किरणी बिरहोर बीमार चल रही थी. विगत 28 फरवरी को उसकी मौत हो गई थी. जिसको लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से बिरहोर बस्ती को बिना बसाए खनन कार्य करने और किरणी बिरहोर की मौत के जिम्मेवार लोगों को चिन्हित कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई थी.

कोयला मंत्रालय ने की थी एनटीपीसी की बैंक गांरटी जब्त

एनटीपीसी को फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद समय से कोयला खनन शुरू नहीं करने को लेकर कई बार पत्राचार किया गया था. इसके बाद भी कोयला खनन नहीं किया गया. इस पर कोयला मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए एनटीपीसी की 24 प्रतिशत बैंक गारंटी 33.68 करोड़ रुपए जब्त कर लिया था. जानकारी के अनुसार कोयला मंत्रालय की कार्रवाई से बचने के लिए एनटीपीसी ने जिला-प्रशासन के सहयोग से आनन-फानन में कोयला खनन शुरू कर दिया. लेकिन खनन कार्य खनन सुरक्षा के निर्देशों को ताक पर रख कर किया गया.

बिरहोर बस्ती में स्थिति गंभीर

बता दें कि खनन स्थल के समीप बिरहोर बस्ती में बिरहोरों की संख्या लगभग 250 है. इनमें 40 बच्चे भी हैं. वहीं खनन क्षेत्र के आसपास घनी आबादी भी है, जिसे विस्थापित-पुनर्वासित किए बिना खनन कार्य किया जा रहा है. परियोजना अंतर्गत छोटकी नदी के एक किलोमोटर एरिया को भी बंद कर उसमें ओबी डंप कर दिया गया है. जिससे उस नदी का अस्तित्व मिटने की कगार पर है. इस मामले पर जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. फिलहाल मामूली पानी छिड़काव कर मानव आबादी को खतरे में डाल खनन कार्य जारी है. इसे भी पढ़ें : UPSC">https://lagatar.in/upsc-civil-services-exam-2023-result-released-aditya-from-lucknow-topped/">UPSC

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