- केंद्रीय कोयला सचिव को दिया कार्रवाई का निर्देश
- दोषियों को चिन्हित कर कार्रवाई करने में जिला-प्रशासन कर रहा टाल-मटोल
कोयला मंत्रालय ने की थी एनटीपीसी की बैंक गांरटी जब्त
एनटीपीसी को फॉरेस्ट क्लीयरेंस मिलने के बाद समय से कोयला खनन शुरू नहीं करने को लेकर कई बार पत्राचार किया गया था. इसके बाद भी कोयला खनन नहीं किया गया. इस पर कोयला मंत्रालय ने कार्रवाई करते हुए एनटीपीसी की 24 प्रतिशत बैंक गारंटी 33.68 करोड़ रुपए जब्त कर लिया था. जानकारी के अनुसार कोयला मंत्रालय की कार्रवाई से बचने के लिए एनटीपीसी ने जिला-प्रशासन के सहयोग से आनन-फानन में कोयला खनन शुरू कर दिया. लेकिन खनन कार्य खनन सुरक्षा के निर्देशों को ताक पर रख कर किया गया.बिरहोर बस्ती में स्थिति गंभीर
बता दें कि खनन स्थल के समीप बिरहोर बस्ती में बिरहोरों की संख्या लगभग 250 है. इनमें 40 बच्चे भी हैं. वहीं खनन क्षेत्र के आसपास घनी आबादी भी है, जिसे विस्थापित-पुनर्वासित किए बिना खनन कार्य किया जा रहा है. परियोजना अंतर्गत छोटकी नदी के एक किलोमोटर एरिया को भी बंद कर उसमें ओबी डंप कर दिया गया है. जिससे उस नदी का अस्तित्व मिटने की कगार पर है. इस मामले पर जिला प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है. फिलहाल मामूली पानी छिड़काव कर मानव आबादी को खतरे में डाल खनन कार्य जारी है. इसे भी पढ़ें : UPSC">https://lagatar.in/upsc-civil-services-exam-2023-result-released-aditya-from-lucknow-topped/">UPSCसिविल सेवा परीक्षा 2023 का रिजल्ट जारी, लखनऊ के आदित्य टॉपर [wpse_comments_template]
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