New Delhi : राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने नौकरियों में भाई भतीजावाद को समाप्त करने और पारदर्शिता लाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान को लेकर उन पर कसा है. कहा कि विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (संघ) तथा संघ की विचारधारा वाले कुलपतियों की नियुक्तियां तथा इसी प्रकार के तदर्थ शिक्षक भाई भतीजावाद के जीते जागते उदाहरण हैं
">https://lagatar.in/category/desh-videsh/"> नेशनल खबरों के लिए यहां क्लिक करें प्रधानमंत्री ने रोजगार मेले में 71,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे थे
दरअसल प्रधानमंत्री ने मंगलवार को रोजगार मेले में 71,000 से अधिक लोगों को नियुक्ति पत्र बांटे थे और इस दौरान उन्होंने कहा था कि भर्ती प्रणाली में उनकी सरकार द्वारा लाये गये बदलावों ने भ्रष्टाचार तथा भाई भतीजावाद की संभावनाओं को समाप्त किया है. इस पर कटाक्ष करते हुए सिब्बल ने ट्वीट किया, प्रधानमंत्री: भर्ती प्रणाली में बदलावों से भ्रष्टाचार तथा भाई भतीजावाद समाप्त हुआ है. बधाई. लेकिन विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (संघ) तथा संघ की विचारधारा वाले कुलपतियों की नियुक्तियां तथा इसी प्रकार के तदर्थ शिक्षक ‘भाई भतीजावाद के जीते जागते उदाहरण हैं. आप क्या कहते हैं प्रधानमंत्री जी?
रोजगार मेले युवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं
प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को रोजगार मेले को संबोधित करते हुए कहा था कि केन्द्र सरकार तथा भाजपा शासित राज्यों में रोजगार मेले युवाओं के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं. जान लें कि सिब्बल संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के पहले तथा दूसरे कार्यकाल में केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं. उन्होंने पिछले वर्ष मई में कांग्रेस छोड़ दी थी और उन्हें निर्दलीय सदस्य के तौर पर राज्यसभा के लिए चुना गया था. उन्होंने हाल ही में अन्याय के खिलाफ लड़ने के मकसद के साथ एक गैर चुनावी मंच इंसाफ का गठन किया है. [wpse_comments_template]
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