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सिकिदरी घाटी : हजारों लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ के लिए जिम्मेदार कौन?

 
सिकिदरी घाटी में बड़े वाहनों की आवाजाही पर सवाल: पुलिस की सख्ती या मौन सहमति?
Ranchi :  रांची से बोकारो-धनबाद की यात्रा के लिए सिकिदरी घाटी से होकर जाने का रास्ता सबसे कम दूरी वाला है, जिसमें आपको रामगढ़ नहीं जाना पड़ता. यह मार्ग सीधे गोला पहुंचाता है. सिकिदरी घाटी लगभग 4 किमी लंबी है और यहां छोटे वाहनों की आवाजाही की अनुमति है. हर दिन, हजारों लोग छोटे वाहनों में सवार होकर इस घाटी से गुजरते हैं. हालांकि, इस रास्ते पर यात्रा करते समय खास ध्यान रखने की जरुरत है, क्योंकि रांची से जाते वक्त कई जगहों पर काफी ढ़लान है. वहीं रांची लौटते वक्त खड़ी चढ़ाई है. इन ढलानों और चढ़ाइयों का रास्ता घुमावदार के साथ-साथ पतला भी है. पूरी घाटी में सड़क की चौड़ाई 12 से 15 फीट से अधिक नहीं है. यही वजह है कि यहां केवल छोटे वाहनों के परिचालन की अनुमति है.

घाटी में बड़े वाहनों का परिचालन वर्जित, फिर कैसे हो रही आवाजाही  

रांची की तरफ से घाटी से ठीक पहले सिकिदरी थाना है. घाटी के ऊपर थाना की गाड़ी हमेशा मिल जाती है, जो वहां से गुजरने वालों यात्रियों को सुरक्षा का एहसास कराती है. यही स्थिति घाटी को पार करने के बाद रामगढ़ के गोला क्षेत्र में भी है. यहां भी पुलिस की गश्ती वाहन आपको हमेशा मिलेंगे. पुलिस के जिक्र की वजह यह है कि घाटी पर रांची और रामगढ़ दोनों जिलों की पुलिस की सख्त नजर है. इसके बावजूद, यहां बस, ट्रक, और ट्रेलर जैसे बड़े वाहनों का परिचालन हो रहा है, ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर कैसे इस घाटी से बड़े वाहनों गुजर रहे हैं. रांची और रामगढ़ की पुलिस इसे रोकती क्यों नहीं है?

बड़े वाहनों के कारण छोटे वाहन चालकों को होती है परेशानी

घाटी से बस, ट्रक व ट्रैलर जैसे बड़े वाहनों के गुजरने की वजह से कार चालकों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. खास कर रात के वक्त. बड़े वाहनों के हेड लाइट आंखों को चौंधिया देते हैं और चालक को कुछ नहीं दिखता है. कई बार खड़ी चढ़ाई पर बड़े वाहनों की स्पीड एकदम धीमी हो जाती है. इससे छोटे वाहन चालकों को बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

सवाल : 

  • - पहला सवाल यह उठता है कि रांची और रामगढ़ की पुलिस सिकिदरी घाटी से बड़े वाहनों का परिचालन रोक क्यों नहीं रही?
  • - दूसरा सवाल यह कि क्या सिकिदरी घाटी में बड़े वाहनों के परिचालन पर पुलिस की मौन सहमति है?
  • - तीसरा सवाल यह कि हजारों लोगों की जान से हो रहे खिलवाड़ के लिए जिम्मेदार कौन है?
इस बारे में हमने रांची के एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा से बात की, तो उन्होंने कहा कि बड़े बहनों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित है. अगर इस तरह की बात सामने आ रही है तो दोषी लोगों पर कार्रवाई की जायेगी.
इस संबंध में जब लगातार डॉट इन के संवाददाता ने रामगढ़ के एसपी अजय कुमार से बात की, तो उन्होंने कहा कि बड़े वाहनों के प्रवेश पर पूरी सख्ती से रोक लगाई जायेगी.
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