Simdega News: केरलम की राजधानी तिरुवनंतपुरम स्थित विधानसभा परिसर में लोकलेखा समिति का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ. इस सम्मेलन में झारखंड विधानसभा लोकलेखा समिति के सभापति विधायक मनोज कुमार यादव के नेतृत्व में झारखंड के प्रतिनिधि शामिल हुए. प्रतिनिधिमंडल में विधायक नमन बिक्सल कोनगाड़ी, समीर मोहंती, जगत माझी और झारखंड लोकलेखा समिति के सचिव अनूप कुमार लाल ने भाग लिया.
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सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला शरीक हुए. इसके अलावा राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा की लोकलेखा समिति के सभापति सांसद केसी वेणुगोपाल, केरलम विधानसभा अध्यक्ष तिरुवंचूर राधाकृष्णन, मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और विधानसभा उपाध्यक्ष शानिमोल उस्मान सहित विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की लोकलेखा समितियों के सभापति और सदस्य शामिल हुए.
सम्मेलन में लोकलेखा समिति की भूमिका, जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली पर विस्तार से चर्चा की गई. इसमें बताया गया कि जनता के टैक्स के एक-एक पैसे और सरकारी संस्थाओं के खर्च का हिसाब सुनिश्चित करना लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण दायित्व है. भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) द्वारा समय-समय पर सरकारी विभागों एवं संस्थाओं की ऑडिट की जाती है. ऑडिट के दौरान सामने आने वाली आपत्तियों की समीक्षा कर उन पर जवाबदेही तय करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी लोकलेखा समिति निभाती है.
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