Jamshedpur (Ashok Kumar) : शहर के उलीडीह में बैंक ऑफ इंडिया में 18 अगस्त को हुई 1.13 करोड़ रुपये की डकैती कांड में पुलिस के हाथ अबतक खाली ही हैं. झारखंड, बिहार, ओड़िशा और बंगाल में जो टीम छापेमारी कर रही है उस टीम के अधिकारी वरीय अधिकारियों को फोन कर बता रहे हैं कि सह कुछ हाथ नहीं लगा है. सभी टीम की हालत एक जैसी ही है. टीम में शामिल अधिकारियों से साफ कहा गया है कि खाली हाथ नहीं लौटना है. हर हाल में सफलता हाथ लगनी चाहिये. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-police-team-behind-koda-gang-in-bank-of-india-robbery/">जमशेदपुर:
बैंक ऑफ इंडिया डकैतीकांड में पुलिस टीम को कोड़ा गैंग के पीछे लगाया
इस तरह हुई बैंक ऑफ इंडिया में एक करोड़ की डकैती [wpse_comments_template]
बैंक ऑफ इंडिया डकैतीकांड में पुलिस टीम को कोड़ा गैंग के पीछे लगाया
एसएसपी के प्रभार संभालने के 33 दिनों बाद की है घटना
एसएसपी के रूप में प्रभात कुमार ने 15 जुलाई को अपना पदभार ग्रहण किया था. इसके ठीक 33 दिनों के बाद ही उलीडीह के बैंक ऑफ इंडिया में डकैती की घटना घट गयी. यह घटना जिले के इतिहास में सबसे बड़ी घटना है. इसके पहले भी शहर के बैंकों में डकैती और सेंधमारी की घटनायें घटी है, लेकिन नुकसान का आंकड़ा एक करोड़ नहीं पहुंचा था. इस घटना को सबसे उपरी पायदान पर रखा गया है.जेल से निकलने वाले और चोरी के दागियों को खंगाला
डकैती कांड के बाद एसएसपी के आदेश पर सभी थाना क्षेत्रों से जेल से बाहर निकलने वाले और चोरी के मामले में बाहर आने वाले सभी दागियों को खंगालने का काम किया गया है. इसके अलावा पुराने दागियों को भी सभी थाना प्रभारियों की ओर से टटोला गया है. हालाकि पांच दिनों के बाद भी पुलिस को सफलता हाथ नहीं लग पायी है. पुलिस के हाथ कुछ नहीं आया है.एसपीओ और मुखबीर के भी समझ से परे
उलीडीह डकैती कांड एसपीओ और मुखबीरों के भी समझ से परे है. उनकी ओर से भी इसका ठोस नतिजा नहीं निकाला जा सका है. सीआइडी की बात करें तो उनका भी सब सूचना तंत्र फेल ही है. कुल मिलाकर बैंक डकैती की घटना बिष्टुपुर के केनरा बैंक में हुई 32 लाख की लूट जैसी ही लग रही है. तब भी पुलिस टीम को सफलता हाथ नहीं लगी थी और इस मामले में भी अबतक के नतिजे कुछ उसी तरह की कहानी बयान कर रहे हैं.वर्धमान और गुड़गांव में भी टोह ले रही पुलिस टीम
डकैती कांड में अलग-अलग राज्यों में गयी पुलिस टीम में से दो टीम को वर्धमान और गुड़गांव में भी लगाया गया है. हालाकि वहां से भी किसी तरह की सफलता हाथ नहीं लगी है. पुलिस कप्तान अपने स्तर से मामले में सफलता पाने के लिये एंड़ी-चोटी एक किये हुये हैं. उनके लिये डकैती कांड का उद्भेदन करना चुनौती बन गया है. इसे भी पढ़ें : जमशेदपुर:">https://lagatar.in/jamshedpur-this-is-how-the-robbery-of-35-lakhs-and-jewelry-happened-in-bank-of-india/">जमशेदपुर:इस तरह हुई बैंक ऑफ इंडिया में एक करोड़ की डकैती [wpse_comments_template]
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