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श्रीमान, जारी है अनुसंधान...

शुभम संदेश इन्वेस्टिगेशन: धनबाद में हत्या के बड़े-बड़े मामलों में पुलिस की कार्यशैली पर उठते सवाल सालों से जारी है जांच, और कब तक रहेगी जारी Rizwan Shams Dhanbad: अनुसंधान जारी है... कोर्ट में अनुसंधानकर्ताओं की एक ऐसी लाइन जो उन्हें अक्सर कार्रवाई से बचा जाती है. ये अनुसंधान सालों तक खत्म नहीं होता, जांच करने वाले अफसर बदल जाते हैं लेकिन जांच में फंसने वाला इस लाइन की वजह से मुकदमे से न तो बाहर हो पाता है और न ही मुकदमा पूरी तरह लड़ पाता है. धनबाद पुलिस भी इस लाइन का प्रयोग दर्जनों मुकदमों में कर रही है. जो मुकदमे न सिर्फ अतिसंवेदनशील हैं बल्कि बड़े अपराधों में शुमार हैं. धनबाद में घटित बड़ी-बड़ी हत्याओं के मामलों में अनुसंधान जारी है....का टैग लगाकर अपनी लापरवाही छिपाने का प्रयास करने वाले ये चंद मुकदमे तो पुलिस की कार्यशैली की बानगी भर है.

मौत के बाद भी जारी है अनुसंधान

केस स्टडी नंबर 1. नीरज सिंह हत्याकांड --- धनबाद की ये वारदात 22 मार्च 2017 को हुई थी. सरेराह वाहन पर सवार पूर्व उपमेयर नीरज सिंह को यूपी से आए शूटरों ने स्टीलगेट के पास गोलियों से छलनी कर दिया था. फाॅर्च्यूनर पर सवार तीन अन्य लोगों की भी जान इस वारदात में गई थी. पोस्टमार्टम में नीरज सिंह के शरीर में कुल 67 छेद मिले थे. पूरा कोयलांचल इस वारदात से हिल गया था. मामले में संजीव सिंह, गया सिंह, महंत पांडेय, मनीष उर्फ सिद्धार्थ गौतम को नामजद अभियुक्त बनाया गया. इस मामले में पुलिस जांच के बाद डबलू मिश्रा, संजय सिंह, धनजी सिंह, चंदन कुमार सिंह, कुर्बान अली, शिूब, सागर सिंह, रिंकू सिंह, अमन सिंह, पिंटू सिंह, संतोष सिंह को अभियुक्त बनाया गया. सारे आरोपियों को इकबालिया बयान और अनुसंधान में साक्ष्य के आधार पर आरोपी बनाया गया था और इनके विरुद्ध चार्जशीट दायर की गई. लेकिन कांड के नामजद अभियुक्त महंत पांडेय, मनीष सिंह और गया सिंह के खिलाफ अब तक चार्जशीट दायर नहीं हुई है, छह सालों में कई अनुसंधानकों ने सिर्फ इतना ही लिखा है कि इनके विरुद्ध् अनुसंधान जारी है. जबकि हैरान करने वाली बात ये है कि इनमें से गया सिंह की मौत को कई साल हो चुके हैं, लेकिन वह आज भी अुनसंधान के दायरे में हैं.

पुलिस नहीं तलाश पाई तो लिखा जारी है जांच

केस स्टडी नंबर 2 - रंजय सिंह हत्याकांड, 29 जनवरी 2017 को कोयलांचल में इस वारदात ने कोयलांचल में खूनी खेल की शुरूआत की थी. विधायक संजीव सिंह के खास माने जाने वाले रंजय को नीलांचल कालोनी के पास गोली मारी गई थी. गोली मारने के बाद बाइक सवार अपराधी फरार हो गए थे. इस वारदात में चश्मदीद राजा यादव के बयान पर मुकदमा दर्ज किया था, मामले में पुलिस ने हर्ष सिंह और मामा उर्फ नंदकिशोर के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी. इस मामले में दो और नाम वारदात से जुड़े थे. पटना निवासी चंदन शर्मा और हरेंद्र सिंह. धनबाद से लेकर पटना तक पुलिस ने इन दोनों को तलाश करने की कोशिश की लेकिन नाकामी हाथ लगी, लगभग छह साल गुजर चुके हैं लेकिन आज तक पुलिस फाइल में इन दोनों के खिलाफ अनुसंधान जारी है... का टैग लगा है.

पांच में एक पर चार्जशीट, चार पर जांच जारी

केस स्टडी नंबर तीन - कोयला कारोबारी शहबाज सिद्दीकी हत्याकांड- शाहबाज सिद्दीकी कोयला कारोबारी, जिसने कोयले में कमाई की आस में लाखों रुपए की पूंजी लगाई और हत्या जैसे दर्दनाक अंत से पूरे परिवार को हमेशा के लिए सदमा दे गया. 12 दिसंबर 2022 को शहबाज अपने पिता को बता कर घर से निकला सा कि आज वो अपनी पूंजी वापस लाने के लिए अपने दोस्त पप्पू मंडल के पास जा रहे है, लेकिन उसकी लाश आई. पिता ने पप्पू मंडल समेत कई पर मुकदमा दर्ज कराया. पुलिस जांच की कहानी ये रही कि दुर्घटनावश स्कॉर्पियो की सीट कवर में रखे पिस्टल से गोली चली थी, पिस्टल रखने वाले यादव पर चार्जशीट हुई, जबकि मुख्य आरोपी पप्पू मंडल, सतीश, आकाश और विक्की पर अनुसंधान जारी है.

दो दर्जन पर चार्जशीट लेकिन प्रिंस व गोपी पर जांच जारी

केस स्टडी नबर 4- जमीन कारोबारी नन्हें हत्याकांड जमीन कारोबारी नन्हे खान की हत्या भी इस कड़ी को आगे बढ़ा रही है, हत्या के इस मुकदमे में करीब चार दर्जन नामजद आरोपी हैं. 29 नवंबर 2021 को नन्हे खान को वासेपुर में गोली मारी गई थी. नन्हें खान गैंग्स ऑफ वासेपुर के सरगना फहीम खान के बेटे इकबाल खान का करीबी था, जिसे बाइक सवार शूटरों ने मौत के घाट उतार दिया था, इस वारदात में पुलिस ने दो दर्जन से अधिक के खिलाफ चार्जशीट दायर किया है, लेकिन मुख्यारोपी प्रिंस खान और गोपी खान समेत कई के खिलाफ आज भी अनुसंधान जारी है. [wpse_comments_template]    

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