New Delhi : चक्रवाती तूफान बिपरजॉय तेजी से गुजरात की तरफ बढ़ रहा है. तूफान आज शाम को कच्छ जिले के जखाऊ बंदरगाह से टकरायेगा. इस दौरान यहां 125 से लेकर 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी. मौसम विभाग के मुताबिक, चक्रवाती तूफान आने से तट पर 9 फीट से लेकर 20 फीट तक तूफानी लहरें उठेगी. जिससे तटीय इलाकों में भारी नुकसान होने की आशंका है. चक्रवाती तूफान को लेकर मौसम विभाग ने 8 जिलों में हाई अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग ने कच्छ, द्वारका, पोरबंदर, जामनगर, रोजकोट, जूनागढ़ और मोरबी में मूसलाधार बारिश होने का अलर्ट जारी किया है. वहीं कुछ इलाकों में बादल फटने की संभावना भी जतायी है. मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि तूफान के चलते 8 जिलों के 442 निचले गांव बाढ़-बारिश से प्रभावित हो सकते हैं. (पढ़ें, अमेरिकी">https://lagatar.in/indian-american-mp-announces-plan-to-form-hindu-caucus-in-us-congress/">अमेरिकी
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तटीय इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात
बता दें कि चक्रवाती तूफान बिपरजॉय की दस्तक से पहले ही द्वारका और मांडवा में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश शुरू हो गयी है. तूफान से निपटने के लिए एनडीआरएफ ने अलग-अलग जगहों पर अपनी टीमों को तैनात किया गया है. गुजरात के कच्छ जिले में 4 टीम, राजकोट में तीन टीम, जामनगर में 2, पोरबंदर, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, मोरबी, वलसाड और गांधीनगर में एक-एक टीम और द्वारका में तीन टीमों को तैनात किया गया है. इसके अलावा एक टीम दादर और नगर हवेली में और एक टीम दमन और दीव में भी मौजूद हैं.
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पहले ही गिरा दिया गया आकाशवाणी का टावर
बिपरजॉय से होने वाले संभावित नुकसान को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार के साथ-साथ प्रशासन भी मुस्तैदी से राहत और बचाव कार्य की तैयारी में जुटा हुआ है. एहतियात के तौर पर गुजरात के द्वारका में आकाशवाणी टावर को गिरा दिया गया है. अगर तूफान की वजह से टावर गिरता तो नुकसान ज्यादा होता. इसलिए पहले ही टावर को नीचे गिरा दिया गया है. गुजरात में गांवों में ढोल बजाकर लोगों को सावधान रहने के लिए अलर्ट किया जा रहा है. लोगों से अगले दो दिनों तक घर से ना निकलने की अपील की जा रही है.
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74 हजार से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
विनाशकारी तूफान बिपरजॉय की दस्तक से पहले ही एनडीआरएफ की टीम ने करीब 74 हजार से ज्यादा लोगों को तटीय इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है. कच्छ में करीब 34,300, जामनगर में 10,000, मोरबी में 9,243, राजकोट में 6,089, देवभूमि द्वारका में 5,035, जूनागढ़ में 4,604, पोरबंदर में 3,469 और गिर सोमनाथ में 1,605, लोगों को शिफ्ट किया गया है.
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