Ranchi : सिरमटोली सरना स्थल द्वार पर फ्लाईओवर रैम्प के निर्माण के खिलाफ सोमवार को विभिन्न आदिवासी संगठनों ने एकजुट होकर जोरदार विरोध का ऐलान किया है.संगठनों ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह मुद्दा केवल एक स्थल का नहीं, बल्कि अस्मिता और आस्था से जुड़ा राज्य स्तरीय मसला है. विरोध में मुख्यमंत्री को काले झंडे और काली पट्टी दिखाने के साथ-साथ सीएम आवास का घेराव करने का निर्णय लिया गया है .पूर्व मंत्री गीताश्री उरांव ने कहा कि बंदूक की नोक पर सिरमटोली सरना स्थल पर रैम्प शुरू किया जाएगा. आदिवासियों के लिए सरना स्थल और मरांगबुरू सुरक्षित नहीं हैं। यह केवल एक विकास परियोजना नहीं, बल्कि आदिवासी समाज की धार्मिक पहचान पर हमला है. उन्होंने कहा कि समाज के तमाम मुद्दों को एकजुट होकर सामने लाया जाएगा और यह लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ी जाएगी.
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alt="" width="600" height="400" /> तानाशाही सरकार के खिलाफ उलगुलान जारी रहेगा : आदिवासी संगठनों ने कहा कि राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया जाएगा। उद्घाटन के दिन भारी संख्या में विरोध जताने की तैयारी की जा रही है. काली पट्टी, काले झंडे और जनसमर्थन के साथ सड़क से सरकार तक संदेश पहुंचाया जाएगा. झारखंड बंद का फैसला, भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर विरोध दर्ज कराने की रणनीति और राज्यभर में आवाज बुलंद करने की योजना ने इस आंदोलन को बड़ा आकार देने का निर्णय लिया गया है. बैठक में कुंदरसी मुंडा, पूर्व मंत्री देवकुमार धान, गीताश्री उरांव, जगलाल पाहन, बबलू मुंडा, नीरंजना हेरेंज समेत कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे.
alt="" width="600" height="400" /> तानाशाही सरकार के खिलाफ उलगुलान जारी रहेगा : आदिवासी संगठनों ने कहा कि राजभवन के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन का ऐलान किया जाएगा। उद्घाटन के दिन भारी संख्या में विरोध जताने की तैयारी की जा रही है. काली पट्टी, काले झंडे और जनसमर्थन के साथ सड़क से सरकार तक संदेश पहुंचाया जाएगा. झारखंड बंद का फैसला, भगवान बिरसा मुंडा की समाधि स्थल पर विरोध दर्ज कराने की रणनीति और राज्यभर में आवाज बुलंद करने की योजना ने इस आंदोलन को बड़ा आकार देने का निर्णय लिया गया है. बैठक में कुंदरसी मुंडा, पूर्व मंत्री देवकुमार धान, गीताश्री उरांव, जगलाल पाहन, बबलू मुंडा, नीरंजना हेरेंज समेत कई प्रमुख सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद थे.
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