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विरोध और समर्थन के बीच सिरमटोली सरनास्थल सौंदर्यीकरण का काम शुरू

Kaushal Anand Ranchi: विरोध और समर्थन के बीच गुरुवार को सिरमटोली सरनास्थल सौंदर्यीकरण का काम शुरू हो गया. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के शिलान्यास के एक साल बाद बहुप्रतिक्षित सिरम टोली सौंदर्यीकरण-निर्माण कार्य गुरुवार को शुरू हुआ. इसे लेकर रांची जिला प्रशासन द्वारा मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल की तैनाती गई थी. जेसीबी मशीन से चतूबरे तो तोड़ने का काम शुरू होते ही इसके विरोध में लोग सामने आ गए. प्रशासन के लोग विरोध कर रहे लोगों को समझाते रहे. कहा की हमें आदेश है, काम शुरू करने का. अगर आपलोग काम रूकवाने का आदेश ले आएं तो हमलोग काम रोक देंगे. इसके बिना काम किसी कीमत पर नहीं रूकेगा. इस बीच काम के समर्थक और विरोधियों के बीच तू-तू, मैं-मैं शुरू हो गई. नारेबाजी भी हुई, और देख लेने, दिखा देने तक की बातें हुईं. https://lagatar.in/category/bihar/">

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क्या कहते हैं विरोध करने वाले

न्यू गार्डेन सिरम टोली सरना स्थल के अध्यक्ष सुमित कच्छप, देवकी हंश, मंजू हंस, सन्नी हेमरोम आदि ने कहा कि उनका विरोध सौंदर्यीकरण को लेकर नहीं है, और न ही जमीन विवाद है. उनका विरोध केवल इसलिए है कि पांच मंजिला भवन बनने से सरना स्थल छोटा हो जाएगा. अभी इस रोड में फ्लाईओवर भी बन रहा है. जिसमें सरना स्थल की बाउंड्री टूटनी है. इससे सरना स्थल और छोटा हो जाएगा. सौंदर्यीकरण हो मगर पांच मंजिला भवन न बने, क्योंकि इसके लिए सरना स्थल की बड़ी जगह खत्म हो जाएगी. इसलिए इसका निर्माण किसी भी कीमत पर होने नहीं देंगे. इसे पढ़ें- शुक्रवार">https://lagatar.in/electricity-bill-dps-settlement-camp-on-friday-and-saturday/">शुक्रवार

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क्या कहते हैं समर्थक

केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष अजय तिर्की, अखिल भारतीय आदिवासी जनपरिषद की कुंदरसी मुंडा, आदिवासी अधिकार मोर्चा के लक्ष्मी नारायण मुंडा, सिरमटोली मौजा के संतोष तिर्की आदि ने बताया कि इसका निर्माण पूरी तरह से आदिवासी सभ्यता-संस्कृति और रीति-रिवाज को देखकर किया जा रहा है. काम शुरू होने के पहले आम सभा हुई. जिसमें सिरमटोली मौजा के सभी टोलों के सामाजिक अगुवा, आदिवासी संगठन के प्रतिनिधि और पाहन शामिल हुए. जिसमें बहुमत से इसका समर्थन किया. जो लोग विरोध कर रहे हैं, वही लोग इस स्थल को वर्षो पूर्व बेच चुके थे, समाज के लोगों ने इसे बचाकर सरना स्थल के रूप में पहचान दिलायी. इसे भी पढ़ें- पहलवानों">https://lagatar.in/wrestlers-protesting-on-the-road-is-indiscipline-tarnishing-indias-image-pt-usha/">पहलवानों

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क्या कहते हैं जिला प्रशासन के अफसर

रांची शहर अंचल सीओ और प्रतिनियुक्त मैजिस्ट्रेट अमित भगत ने कहा कि एक परिवार को छोड़कर कोई अन्य विरोध नहीं कर रहा है. हमने दोनों पक्षों से बातचीत की. विरोध करने वालों से भी बातचीत की. समझाया. हमें आदेश मिला है काम शुरू करने का. अगर विरोध करने वाले काम बंद करवाने का आदेश लाते हैं तो हम काम बंद कर देंगे. मगर इसके बिना काम बंद नहीं होगा.

यह है पूरी योजना

-सीएम ने 7 अप्रैल को हुआ था शिलान्यास, 4.58 करोड़ का है बजट.  - मंच और स्टेज बनाया जाएगा.  - पांच मंजिला भवन होगा, जिसमें हॉल भी रहेंगे - गेट और बाउंड्री उड़ीसा के कारीगर बनाएंगे. इसकी बाउंड्री पर आदिवासी संस्कृति और झारखंड के शहीदों की झलक मिलेगी.  -स्टूडेंट्स के स्टडी के लिए एक लाइब्रेरी का भी निर्माण किया जाएगा. [wpse_comments_template]

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