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राहुल गांधी के आरोपों पर सीतारमण हुई हमलावर, कहा, UPA शासन में उनके खास मित्रों के लिए ATM थे बैंक

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हर भारतीय को ऋण उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन केंद्र सरकार(मोदी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ताकतवर कारोबारी समूहों के निजी फाइनेंसर के रूप में तब्दील कर दिया : राहुल NewDelhi : लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आरोपों पर कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हर भारतीय को ऋण उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था, लेकिन केंद्र सरकार(मोदी) ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ताकतवर कारोबारी समूहों के निजी फाइनेंसर के रूप में तब्दील कर दिया, इसका जवाब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को लोकसभा में दिया. राहुल गांधी पर पलटवार करते हुए उन पर भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSB) को लेकर निराधार बयान देने का आरोप लगाया. सरकारी बैंकों पर राहुल के बयान को मेहनती कर्मचारियों और साफ-सुथरी एवं मजबूत बैंकिंग प्रणाली से लाभान्वित होने वाले नागरिकों का अपमान करार दिया.

राहुल गांधी के आरोप बुनियाद और तथ्यों से परे हैं

वित्त मंत्री ने मोदी सरकार के दौरान भारत के सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों (PSBs) में हुए सुधारों और उपलब्धियों को गिनाई. कहा कि राहुल गांधी के आरोप बुनियाद और तथ्यों से परे हैं. जोर देकर कहा कि भारत के बैंकिंग क्षेत्र, ख़ासकर पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSBs) में पीएम मोदी के नेतृत्व में अभूतपूर्व सुधार किये गये हैं.

राहुल गांधी बैंकिग क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल से मिले थे

दरअसल राहुल गांधी बैंकिग क्षेत्र के एक प्रतिनिधिमंडल से मिले थे. इस क्रम में उन्होंने एक्स पर आरोप लगाया कि सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को हर भारतीय को ऋण उपलब्ध कराने के लिए डिज़ाइन किया गया था लेकिन केंद्र सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को ताकतवर कारोबारी समूहों के लिए निजी फाइनेंसर के रूप में तब्दील कर दिया है. साथ ही कहा था कि यहां महिला कर्मचारियों को समान अवसर या पदोन्नति नहीं दी मिलती.

मोदी सरकार बैंकिंग क्षेत्र में 4R रणनीति से सुधार लायी

निर्मला सीतारमण ने राहुल पर हमलावर होते हुए पूछा, क्या विपक्ष के नेता(राहुल गांधी) से मिलने वालों ने उन्हें यह जानकारी नहीं दी कि कांग्रेस के (UPA शासन) के दौर में कॉरपोरेट क्रेडिट के अत्यधिक केंद्रीकरण और अंधाधुंध ऋण वितरण ने PSBs की सेहत बिगाड़ दी थी? उस समय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को सत्ता पर काबिज लोगो के खास मित्रों के लिए ATM की तरह इस्तेमाल किया जाता था. UPA शासन में बैंक कर्मचारियों को डराया जाता था. फ़ोन बैंकिंग’ के ज़रिए अपने चहेतों को मनमाने लोन देने पर विवश किया जाता था. उन्हें नहीं बताया कि हमारी सरकार ने 2015 में एसेट क्वालिटी रिव्यू शुरू कर UPA सरकार की इस फ़ोन बैंकिंग’ की काली करतूतों को सबके सामने लाया. कहा कि मोदी सरकार बैंकिंग क्षेत्र में 4R रणनीति से सुधार लायी. कांग्रेस को चाहिए कि वह विपक्ष के नेता राहुल गांधी को शासन और सुधारों की वास्तविक जानकारी दें

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