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झारखंड में इंटरनेशनल स्तर की छह सड़कें बनेंगी, होली टूरिस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे पारसनाथ, रजरप्पा और देवघर

  • औद्योगिक और पर्यटन विकास तेज करने की कवायद
  • -डीपीआर तैयार करने का काम शुरू, इसी साल शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
  • देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की है योजना
Kaushal Anand Ranchi : औद्योगिक और पर्यटन विकास की गति तेज करने के लिए झारखंड में इंटरनेशनल स्तर की छह सड़कें बनेंगी. पारसनाथ, रजरप्पा और देवघर होली टूरिस्ट कॉरिडोर से जुड़ेंगे. इसकी सैद्धांतिक सहमति सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष में दे दी थी. सरकार अब इसके लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू करने जा रही है. फिर इसे केंद्र सरकार के पास स्वीकृति के लिए भेजी जायेगी. केंद्र की मंजूरी मिलते ही इन सड़कों को निर्माण कार्य इसी साल शुरू हो जाएगा. यह केंद्र और राज्य संपोषित स्कीम होगी. इसके तहत राज्य के कई पर्यटन एवं धार्मिक स्थलों की यात्रा सुगम होगी तथा एक- दूसरे से जुड़ जाएंगे. इससे न केवल राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों को आने -जाने में सुविधा होगी, बल्कि पर्यटन से जुड़े व्यापार एवं अन्य औद्योगिक विकास होंगे. ये सड़कें फोरलेन कॉरिडोर होंगी, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर की होंगी. इनके बन जाने से कम समय में अधिक दूरी तय की जा सकेगी.

होली टूरिस्ट कॉरिडोर की दूरी करीब 170 किमी होगी

सरकार ने राज्य के दो बड़े पयर्टन एवं धार्मिक स्थल को आपस में जोड़ने का मन बनाया है. इसमें गिरिडीह का पारसपाथ और देवघर शामिल है. इसकी दूरी कम करने के साथ यहां पहुंचने वाले राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को लुभाने के लिए होली टूरिस्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित करने का प्लान बनाया है. इस प्रोजेक्ट में राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त रजरप्पा का छिन्नमस्तिके मंदिर भी जुड़ेगा, जहां पूरे देश से श्रद्धालु जुटते हैं. होली टूरिस्ट कॉरिडोर की दूरी करीब 170 किमी होगी, जो रांची से शुरू होकर ओरमांझी- गोला- रजरप्पा- डुमरी होते हुए गिरिडीह भाया देवघर तक तक जाएगी. इससे रांची से रजरप्पा, देवघर और गिरिडीह की पारसनाथ पहाड़ी की यात्रा सुगम हो जाएगी.

नेतरहाट और मैक्लुस्कीगंज की भी यात्रा होगी सुगम 

सरकार ने टूरिस्म उद्योग को बढ़ावा देने के लिए नेतरहाट और मैक्लुस्कीगंज को भी फोकस किया है. जहां पर हर दिन देश- विदेश के पर्यटक भारी संख्या में पहुंचते हैं. सरकार ने इसे ध्यान में रखते हए टूरिस्ट कॉरिडोर नाम से एक फोर लेने बनाने की योजना बनायी है. सरकार टूरिस्ट कॉरिडोर के नाम से करीब 270 किमी का फोर लेन बनाएगी, जो सिल्ली रंगामाटी रोड से सारजमडीह, तमाड़, खूंटी, गोविंदुपर, सिसई, घाघरा, नेतरहाट, गारू, सरयू, लातेहार, हेरहंज, बालूमाथ, मैक्लुस्कीगंज भाया चामा मोड़ तक जाएगी.

ये होंगे अंतरराष्ट्रीय स्तर के फोरलेन हाईवे

  • ईस्ट-वेस्ट कॉरिडार : दूरी 393 किमी. मुड़ीसेमर से चतरा- बरही- बेंगाबाद - मधुपुर- सारठ- पालाजोरी भाया दुमका.
  • ईस्टन कॉरिडोर : दूरी 121 किमी. साहेबगंज से जामताड़ा- निरसा- सिंदरी- चंदनक्यारी भाया चांडिल. ]
  • नॉर्थ-साउथ कॉरिडार : दूरी 275 किमी. झमुरीतिलैया से एनएच-2, विष्णुगढ़ पेटरवार- कसमार- बरलंगा- सिल्ली- रड़गांव- सरायकेला- चाईबासा- जैतगढ़ भाया ओड़िशा सीमा.
  • सेंट्रल कॉरिडोर : दूरी 140 किमी. रांची से बुढ़मू- टंडवा- चतरा- हंटरगंज भाया डोभी बिहार सीमा.
  •  टूरिस्ट कॉरिडोर : 270 किमी. सिल्ली रंगामाटी रोड से सारजमडीह- तमाड़- खूंटी, गोविंदुपर- सिसई, घाघरा-नेतरहाट- गारू- सरयू- लातेहार- हेरहंज- बालूमाथ- मैक्लुस्कीगंज भाया चामा मोड़.
  • होली टूरिस्ट कॉरिडोर : 170 किमी. रांची से ओरमांझी- गोला- रजरप्पा- डुमरी, गिरिडीह भाया देवघर.

डीपीआर फाइनल होते ही इसकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा

झारखंड में धार्मिक एवं पर्यटक स्थलों की भरमार है. सरकार का प्रयास है कि इन स्थलों को एक पर्यटन उद्योग के रूप में बढ़ावा दिया जाए. सरकार का उद्देश्य न केवल पर्यटन उद्योग को बढ़ावा देना है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटकों को भी अधिक से अधिक सुविधाएं प्रदान करना है. डीपीआर बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. डीपीआर फाइनल होते ही इसकी मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. अगर मंजूरी मिल गयी, तो संभवत: इसी साल इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा.                                                                                     - सुनील कुमार, सचिव पथ निर्माण विभाग इसे भी पढ़ें – गोला">https://lagatar.in/people-paid-last-respects-to-jagarnath-mahatos-dead-body-in-gola-paid-tribute/">गोला

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