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दलादिली में निखेलश्वरमपुरम हाउसिंग सोसाइटी में बस रही स्लम बस्ती

  • खेत की बीच में डेवलप की जा रही सोसाइटी, सिर्फ 20 फीट का रास्ता
  • कैसे पहुंचेगा फायरब्रिगेड का दमकल, प्रोजेक्ट आरआरडीए के रडार पर
Pravin Kimar/ Satya Sharan Mishra Ranchi : राजधानी के रिंग रोड में हाउसिंग सोसाइटी बसाने का सब्जबाग दिखा स्लम बस्तियां बसाने का खेल धड़ल्ले से चल रहा है. भू-माफिया और बिल्डर-डेवलपर सरकारी नियमों की अनदेखी कर ऐसी हाउसिंग सोसाइटी में लोगों को जमीन बेच रहे हैं. रिंग रोड पर दलादिली के आसपास नियम कानूनों को ताक पर रख ऐसी दर्जनों हाउसिंग सोसाइटियां डेवलप की जा रही हैं . वहां भू-माफिया और जमीन दलालों की बड़ी फौज तैयार हो गयी है. सिर्फ सड़क किनारे की ही नहीं, खेत-खलिहानों की जमीनों को भी इन्होंने नहीं छोड़ा है. दलादिली चौक के पास कायदे-कानून को ताक पर रखकर कल्पी विश्व सोसाइटी नाम की हाउसिंग सोसाइटी जनवरी 2020 में डेवलप की जाने लगी. बाद में इसका नाम बदलकर निखिलेश्वरमपुरम हाउसिंग सोसाइटी कर दिया गया. खेतों के बीच 2 एकड़ जमीन में सोसाइटी डेवलप हो रही है. 1000 से 1200 स्क्वैयर फीट की प्लॉटिंग कर कई लोगों को यहां की पूरी जमीन बेच दी गई है. लोगों ने घर बनाना भी शुरू कर दिया है, लेकिन जब सारे घर बनकर तैयार हो जाएंगे, तब लोगों को पता चलेगा कि वे ठगे गए हैं. वे हाउसिंग सोसाइटी नहीं बल्कि स्लम बस्ती में रह रहे हैं.

7 लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर से बिकी जमीन

हाउसिंग सोसाइटी में लोगों ने 7 लाख रुपये प्रति डिसमिल की दर से जमीन खरीदी है, जिसमें 2- 3 बीएचके प्लैट बनाये जा रहे हैं, अभी भी 15 डिसमिल जमीन बची हुई है, जिसे बेचने के लिए बिल्डर ग्राहक खोज रहा है. कई इंजीनियरों और सरकारी अफसरों ने भी यहां जमीन खरीदी है. जिन ग्राहकों ने प्लॉट लिया है, उन्हें शायद यह नहीं पता कि यह प्रोजेक्ट भी आरआरडीए के रडार पर है. आरआरडीए ने 19 फरवरी 2020 को इस प्रोजेक्ट को लेकर अपनी जांच रिपोर्ट में बताया था कि इसका ले-आउट अवैध है. इसके बावजूद बिना नक्शा पास कराए यहां धडल्ले से निर्माण कार्य जारी है.

न नक्शा पास कराया, न 30 फीट चौड़ी सड़क छोड़ी

निखिलेश्वरमपुरम हाउसिंग सोसाइटी डेवलप करने में आरआरडीए एक्ट 2001 और झारखंड बिल्डिंग बायलॉज 2016 का खुल्लम-खुल्ला उल्लंघन किया गया है. नियम है कि 50 डिसमिल से अधिक जमीन की अगर प्लॉटिंग कर बेची जा रही है, तो बिल्डर को आरआरडीए या नगर निगम से प्लॉटिंग का नक्शा पास कराना जरूरी है. वहीं सड़क की चौड़ाई भी कम से कम 30 फीट होनी चाहिए, ताकि सोसाइटी में आपात स्थिति में फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंच सके. इन दोनों नियमों को बिल्डर ने नहीं माना. न तो प्लॉटिंग का नक्शा पास कराया और न ही 30 फीट चौड़ी सड़क छोड़ी गई. मनमानी करते हुए जमीन की प्लाटिंग कर बेच दी गयी .

सीएनटी की जमीन पर डेवलप की जा रही सोसाइटी की सड़क

मेन रोड से निखिलेश्वरमपुरम जाने वाले रास्ते में सीएनटी लैंड भी है. हाउसिंग सोसाइटी के बिल्डर विशाल सिंह का कहना है कि सीएनटी की जमीन लिखवा ली गयी है. उन्होंने यह भी माना कि सोसाइटी तक पहुंचने के लिए सिर्फ 20 फीट चौड़ी सड़क उपलब्ध है. यब पूते जाने पर कि सड़क की चौड़ाई 30 फीट क्यों नहीं है, तो उनका जवाब था, जितनी जमीन मिलेगी, उतनी ही लेंगे न. वहीं प्लॉटों का नक्शा पास कराने के सवाल पर उनका कहना है कि बिल्डर क्यों प्लॉट का नक्शा पास कराएगा. जिन लोगों ने जमीन खरीदी है, ये उनकी जिम्मेवारी है. खरीदार समझे, नक्शा पास कराएंगे या नहीं.

खास बातें

  • ठगे गए खरीदार
  • हाउसिंग सोसाइटी या स्लम बस्ती ?
  • कई इंजीनियरों, अफसरों ने खरीदी है जमीन
  • आरआरडीए के रडार पर है सोसाइटी का प्रोजेक्ट
  • निखिलेश्वरमपुरम का ले-आउट पूरी तरह से अवैध
  • सोसाइटी में 30 फीट नहीं 20 फीट चौड़ी सड़क हीं छोड़ी
  • बिल्डर ने सीएनटी लैंड लिखवाई, 20 फीट का रास्ता लिया
  • आरआरडीए से बिना नक्शा पास कराए ही की गई प्लॉटिंग

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