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छोटे वर्कशॉप सरकारी नियमों के बोझ तले दबे हैं, मोदी सरकार उद्योगपतियों का पक्ष ले रही है : राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के नियमों की वजह से बस और ट्रक बनाने वाली हजारों छोटे वर्कशॉप बंद होने की कगार पर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (MSME) सरकारी नियमों के बोझ तले संघर्ष कर रहे हैं...प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बड़े उद्योगपतियों का पक्ष ले रही है.
 
वर्कशॉप में कारीगरों के साथ राहुल गांधी

NewDelhi : राहुल गांधी ने कहा है कि ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के नियमों की वजह से बस और ट्रक बनाने वाली हजारों छोटे वर्कशॉप बंद होने की कगार पर हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे समय में जब माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइज़ (MSME) सरकारी नियमों के बोझ तले संघर्ष कर रहे हैं...प्रधानमंत्री मोदी की सरकार बड़े उद्योगपतियों का पक्ष ले रही है.

 

बता दें कि जयपुर में बस और ट्रक बनाने वाली एक वर्कशॉप के अपने हाल के  दौरे का वीडियो शेयर करते  हुए सोमवार को राहुल गांधी ने कहा, केंद्र के मेक इन इंडिया और वोकल फॉर लोकल कार्यक्रम छोटे मैन्युफैक्चरर्स को मदद देने में नाकाम साबित रहे हैं. राहुल ने आरोप लगाया कि रोजगार पैदा करनेवाली,  कुशल कारीगरी बनाये रखनेवाली कंपनियों को जानबूझकर खत्म किया जा रहा है.

 

वीडियो में वे कारीगरों और वर्कशॉप मालिकों से बातचीत करते नजर आ रहे हैं. वे बता रहे हैं कि नये नियमों की वजह से उनका कारोबार ठप सा पड़ गया है.राहुल ने वर्कशॉप मालिकों को  भरोसा दिलाया कि वह केंद्र सरकार के समक्ष इस मामले को उठायेंगे.अपनी बात रखते हुए राहुल ने दावा किया कि ट्रांसपोर्ट के नियम मैन्युफैक्चरर्स को तकनीकी खराबी के कारण बस में आग लगने की घटनाओं के लिए अनुचित रूप से ज़िम्मेदार करार देते हैं.

 

इस वजह से छोटे वर्कशॉप पर बेवजह बोझ पड़ता है.राहुल गांधी ने वर्कशॉप को स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग की रीढ़ बताया.कहा कि कारीगर लगातार बढ़ कही चुनौतियों के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं. चेतायी कि ऐसे वर्कशॉप के बंद होने से   बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी फैलेगी. राहुल गांधी ने एक फ़ेसबुक पोस्ट में कहा कि स्थानीय कारीगरों के काम की क्वालिटी ग्लोबल स्टैंडर्ड्स के बराबर है. साथ ही आरोप लगाया कि उन्हें बढ़ावा देने के बजाय बेतुके नियम लाद कर उन्हें  कारोबार बंद करने के लिए विवश किया जा रहा है.

 

 

 

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