Search

धनबाद के शहरी क्षेत्र में स्मार्ट मीटर योजना टांय टांय फिस्स

सवाल का जवाब देने से बचते दिखे बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता

Dhanbad: शहरी क्षेत्र के घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की योजना खटाई में पड़ गई है. अब इस योजना का नाम सुनते ही बिजली विभाग के अधिकारी बगलें झांकने लगे हैं. अधीक्षण अभियंता एसके कश्यप से जब इस संबंध में सवाल पूछा गया, तो पहले तो उन्होंने सवाल सुना, उसके बाद कहने लगे, ये कैसा सवाल है. उसके बाद रोंग नम्बर बोलकर फोन काट दिया. दुबारा फोन उठाना जरूरी नहीं समझा. ज्ञात हो कि ढाई साल पूर्व झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राजधानी रांची सहित धनबाद व जमशेदपुर में स्मार्ट मीटर लगाने की घोषणा की थी. लेकिन टेंडर निकालने में ही एक साल से ज्यादा समय लग गया. 2 नवंबर 2022 को टेंडर निकला. डेढ़ माह बाद कोलकाता की कंपनी बेंटेक का चयन भी हुआ. उसके बाद कंपनी ने सर्वे शुरू किया. सभी घरों में घूम घूम कर बेंटेक के लोगों ने स्टीकर भी चिपकाया. उसके बाद बाद सब शांत बैठ गए. आधिकारिक सूत्रों की मानें तो अभी धनबाद में सर्वे का काम पूरा नहीं हुआ है. अभी सिर्फ रांची में स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है.

  मई में स्मार्ट मीटर लगाने की हुई थी घोषणा

बिजली विभाग ने इसी साल मई महीने में 48 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाने की घोषणा की थी. एक डेढ़ माह में दो लाख घरों में मीटर लगाने के दावे किए गए थे. शुरुआती दो तीन माह में पोस्ट पेड़ व्यवस्था कायम रहने, उसके बाद धीरे धीरे कर उसे प्रीपेड में बदलने तथा रिचार्ज की व्यवस्था करने की बात कही गई थी. परंतु सारे दावे फेल हो चुके हैं अधिकारी हर माह सिर्फ राजस्व वृद्धि करने में ही जुटे हुए है.

  धनबाद में अब तक पुरानी व्यवस्था है कायम

धनबाद में अब तक बिजली की पुरानी व्यवस्था ही कायम है. पूरे साल बिजली की आंख मिचौनी जारी रहती है. निर्बाध बिजली नहीं मिल रही है. अंडरग्राउंड केबलिंग से लेकर फाइबर ऑप्टिकल तार बिछाने का काम अधूरा है. शहर के गली-मोहल्लों व बाजार में अब भी खुले तार ही लटक रहे हैं. ऐसे में स्मार्ट मीटर लगाने का भी कोई फायदा नहीं होने वाला है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp