IIT-ISM में इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन इंक्लेव शुरू
Dhanbad : IIT-ISM, धनबाद में तीन दिवसीय इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन एवं प्रदर्शनी कार्यक्रम का शुभारंभ शुक्रवार को हुआ. उद्घाटन झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार ने किया. उन्होंने संस्थान के योगदान की सराहना करते हुए नवाचार व उद्योग के तालमेल पर जोर दिया. कहा कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्मार्ट माइनिंग, क्रिटिकल मिनरल्स व ग्रीन एनर्जी पर ध्यान केंद्रित करना अनिवार्य है.
उन्होंने कहा कि आईआईटी-आईएसएम एक शताब्दी से राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है. खनन, भू-विज्ञान ल ऊर्जा के क्षेत्र में संस्थान का योगदान देश के औद्योगिक विकास की आधारशिला रहा है. झारखंड की खनिज संपदा केवल औद्योगिक विकास का ही नहीं, बल्कि विकसित भारत के निर्माण का भी आधार है. उन्होंने विश्वास जताया कि भारत जल्द ही विश्व की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा.
तकनीकी विकास के लिए हुए महत्वपूर्ण समझौते
इस कॉन्क्लेव के दौरान तकनीक व शोध को धरातल पर उतारने के लिए कई महत्वपूर्ण करार किए गए. जिसमें स्मार्ट माइनिंग में 5G के इस्तेमाल के लिए BSNL के साथ समझौता, दुर्लभ खनिजों की खोज के लिए रूसी कंपनी रोसटॉम (Rosatom) के साथ MOU शामिल है. संस्थान के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. धीरज कुमार ने बताया कि कुल सात कंपनियों के साथ करार किए जा रहे हैं.
विकसित भारत @2047 का लक्ष्य
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के महानिदेशक असित साहा ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी है. मोबाइल से लेकर रक्षा उपकरणों तक हर इलेक्ट्रॉनिक चीज में क्रिटिकल मिनरल्स का उपयोग हो रहा है. इन खनिजों की खोज और खनन की प्रक्रिया में तेजी लाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
आम जनता के लिए खुलीं हाई-टेक लैब्स
इस तीन दिवसीय कार्यक्रम की एक मुख्य विशेषता यह है कि संस्थान की अत्याधुनिक लैब्स को आम लोगों और छात्रों के लिए खोला गया है. इसका उद्देश्य लोगों को संस्थान में चल रहे शोध व भविष्य के प्रोजेक्ट्स से रूबरू कराना है.
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