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स्मार्टफोन खरीदना होगा महंगा, बैक फ्रेम और डिस्प्ले पर कस्टम ड्यूटी बढ़ी

LagatarDesk : अगर आप मोबाइल खरीदने की सोच रहे हैं तो जोरदार झटका लग सकता है. आने वाले समय में मोबाइल फोन के दाम बढ़ सकते हैं. दरअसल मोबाइल फोन में इस्तेमाल होने वाले कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ा दी गयी है. रिपोर्ट्स के अनुसार, बैक सपोर्ट फ्रेम और स्मार्टफोन के डिस्प्ले एसेंबली पर 10 फीसदी कस्टम ड्यूटी लगेगा. जिसकी वजह से ग्राहकों को अब मोबाइल खरीदने के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. (पढ़ें, गुजरात">https://lagatar.in/gujarat-sc-ready-to-hear-the-case-of-release-of-convicts-of-bilkis-bano-cji-ramana-said-will-consider/">गुजरात

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 फोन के कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी पर नहीं थी क्लियरिटी 

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (CBIC) के आदेश के अनुसार, यदि डिस्प्ले असेंबलियों के साथ एंटीना पिन, पावर की और अन्य सहायक उपकरण आयात किये जाते हैं तो कस्टम ड्यूटी पांच प्रतिशत तक अधिक ली जायेगी. इस तरह कस्टम ड्यूटी बढ़कर 15 प्रतिशत हो जायेगी. यह फैसला ऐसे समय में आ रहा है जब चीनी कंपनियां जैसे Vivo और Oppo पर आरोप है इसने टैक्स की चोरी की है. टेक कंपनियां ने दावा किया था कि सेल्युलर फोन के जरूरी कंपोनेंट्स पर कस्टम ड्यूटी चार्जेज पर क्लियरिटी नहीं है. इसे भी पढ़ें : कोर्ट">https://lagatar.in/hearing-in-high-court-on-pil-filed-against-court-fee-hike-know-what-happened-today/">कोर्ट

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डिस्प्ले एसेंबली के साथ एडिशनल कंपोनेंट होने से नोटिस का होगा उल्लंघन

CBIC ने कहा है कि अगर डिस्प्ले एसेंबली के साथ एडिशनल कंपोनेंट हैं तो इसे नोटिस का उल्लंघन माना जायेगा. दूसरी तरफ इंडस्ट्री कह रही है कि मोबाइल डिस्प्ले के साथ अटैच सभी कंपोनेंट को डिस्प्ले एसेंबली का हिस्सा माना जाना चाहिए. इस वजह से कस्टम ड्यूटी 10 परसेंट से अधिक नहीं होना चाहिए. चार्ज 5 परसेंट तक बढ़ सकती है. इससे टोटल चार्ज 15 परसेंट तक लग सकता है. इसे भी पढ़ें : Lagatar">https://lagatar.in/lagatar-exclusive-home-guards-reinstated-with-money-hear-how-the-deal-was-done-in-viral-audio/">Lagatar

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इन वजह से बढ़ाया जा रहा है कस्टम ड्यूटी

सरकार के नियम बदलने के पीछे प्रमुख कारण आयात होने वाली स्कीन के प्रकार को लेकर है. फिलहाल मोबाइल डिस्प्ले असेंबली के आयात पर 10 फीसदी टैक्स लगता है. कंपनियां सिर्फ सिंगल डिस्प्ले आयात नहीं करती हैं, बल्कि डिस्प्ले असेंबली का आयात करती हैं. इस असेंबली यूनिट में स्क्रीन के साथ ही स्पीकर और सिम ट्रे भी जुड़ी होती है. इसे भी पढ़ें : न‍ित‍िन">https://lagatar.in/nitin-gadkari-said-time-is-the-biggest-capital-not-taking-timely-decisions-is-the-biggest-problem-of-the-government/">न‍ित‍िन

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गलत जानकारियां देने का मामला

सीबीआईसी ने कहा है कि डिस्प्ले असेंबली के आयात में गलत जानकारियां देने की घटनाएं सामने आती रही हैं. इस स्थिति को दूर करने के लिए बीसीडी में बदलाव किया गया है. सीबीआईसी ने कहा कि अगर एक मोबाइल फोन की डिस्प्ले इकाई सिर्फ धातु या प्लास्टिक से बने बैक सपोर्ट फ्रेम के साथ आयात की जाती है तो उस पर 10 प्रतिशत की दर से ही कर लगेगा. हालांकि, धातु या प्लास्टिक से बने बैक सपोर्ट फ्रेम को अगर अलग से आयात किया जाता है तो सीमा-शुल्क 15 प्रतिशत की दर से लगेगा. सीबीआईसी ने यह स्पष्ट किया है कि डिस्प्ले असेंबली और उससे अन्य उपकरणों के जुड़े होने पर 10 प्रतिशत की रियायती दर पर बीसीडी का लाभ नहीं मिलेगा. इसे भी पढ़ें : लाल">https://lagatar.in/petition-filed-against-lal-singh-chadha-in-west-bengal-alleging-breach-of-peace-also-demanding-ban/">लाल

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