Jamtara: जिले में पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही झमाझम बारिश ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी है. लंबे इंतजार के बाद मानसून के सक्रिय होने से खेतों में धान की रोपनी का कार्य तेज हो गया है. खरीफ मौसम में निर्धारित 52 हजार हेक्टेयर धान रोपनी के लक्ष्य को समय पर पूरा करने के लिए किसान और कृषि विभाग पूरी तत्परता से जुटे हुए हैं.

मंगलवार को नारायणपुर प्रखंड के सोनबाद गांव में एक प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जब जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार और प्रखंड तकनीकी प्रबंधक (बीटीएम) इकबाल हुसैन स्वयं खेत में उतरकर किसानों के साथ धान की रोपनी करने लगे.

क्षेत्र भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को कीचड़ भरे खेतों में मेहनत करते देखा. किसानों का उत्साह बढ़ाने के उद्देश्य से दोनों अधिकारी बिना किसी औपचारिकता के खेत में उतर गए और उनके साथ मिलकर धान की रोपनी की. अधिकारियों को अपने बीच इस तरह काम करता देख किसानों में उत्साह का माहौल बन गया. ग्रामीणों ने इसे कृषि विभाग की किसानों के प्रति संवेदनशीलता और जुड़ाव का सकारात्मक संदेश बताया.
इस अवसर पर जिला कृषि पदाधिकारी लव कुमार ने किसानों से बातचीत करते हुए आधुनिक खेती की तकनीकों की जानकारी दी. उन्होंने बिचड़ा उखाड़ने की सुरक्षित विधि, रोपनी की वैज्ञानिक तकनीक तथा बिचड़े के उपचार के बारे में विस्तार से बताया. उन्होंने कहा कि रोपाई से पहले बिचड़े का उपचार करने से फसल विभिन्न रोगों से सुरक्षित रहती है और उत्पादन में भी वृद्धि होती है.
लव कुमार ने बताया कि वर्ष 2026-27 के खरीफ सीजन में जामताड़ा जिले में 52 हजार हेक्टेयर भूमि पर धान की खेती का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. फिलहाल जिले में लगभग 10 प्रतिशत धान की रोपनी पूरी हो चुकी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल बना रहा तो निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा कर लिया जाएगा. कृषि विभाग लगातार गांव-गांव जाकर किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन देने और बेहतर खेती के लिए प्रेरित करने का कार्य कर रहा है.
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