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भारतीय रेलवे के इतिहास में अब तक 9 दर्दनाक हादसे, 1981 में नदी में गिरी थी ट्रेन, 800 लोगों की हुई थी मौत

LagatarDesk : ओडिशा के बालासोर में शुक्रवार शाम को भीषण रेल हादसा हुआ. बहनागा स्टेशन के पास पहले यशवंतपुर से हावड़ा जाने वाली दुरंतो एक्सप्रेस मालगाड़ी से टकरायी. फिर कोरोमंडल एक्सप्रेस और मालगाड़ी आपस में टकरा गयी. इस रेल हादसे में अबतक 280 लोगों की मौत हो गयी है. वहीं 900 से अधिक यात्री घायल हुए हैं. करीब 16 घंटे से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है. यह रेल हादसा आजादी के बाद हुई सबसे भीषण ट्रेन दुर्घटनाओं में से एक है.

1981 को बिहार में हुआ था सबसे बड़ा रेल हादसा

भारतीय रेलवे के इतिहास में इससे पहले भी कई भयानक रेल हादसे हुए हैं, जिसमें सैंकड़ों लोगों की जान जा चुकी है. आज से 42 साल साल पहले यानी 6 जून 1981 को बिहार में सबसे बड़ा रेल हादसा हुआ था. बदला-धमारा घाट के बीच बागमती नदी पार करते समय ट्रेन नदी में गिर गयी थी. इस हादसे में ट्रेन की 9 बोगियां यात्री सहित बागमती नदी में समा गयी थीं. इस हादसे में 750 से ज्यादा यात्रियों की मौत हो गयी थी. यह हादसा भारत का ही नहीं विश्व का भी दूसरा सबसे बड़ा रेल हादसा था. 1981 के बाद भी भारत में कई रेल हादसे हुए जिसमें हजारों लोगों की जान चली गयी. भारतीय रेलवे इतिहास में अब तक 9 दर्दनाक रेल हादसे हुए हैं. नीचे देखिये पूरी लिस्ट-
  • 20 अगस्त 1995 : उत्तर प्रदेश में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस फिरोजाबाद के पास खड़ी कालिंदी एक्सप्रेस से टकरा गयी. इस हादसे में करीब 305 यात्री मारे गये थे.
  • दो अगस्त 1999 : ब्रह्मपुत्र मेल, उत्तर सीमांत रेलवे के कटिहार डिवीजन के गैसल स्टेशन पर खड़ी अवध असम एक्सप्रेस से टकरा गयी. इस हादसे में 285 से अधिक यात्री मारे गये थे. जबकि 300 से अधिक यात्री घायल हुए थे. पीड़ितों में सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कई जवान भी शामिल थे.
  • 26 नवंबर, 1998 : पंजाब के खन्ना में जम्मू तवी-सियालदह एक्सप्रेस, फ्रंटियर गोल्डन टेंपल मेल के पटरी से उतरे तीन डिब्बों से टकरा गयी थी. जिससे 212 यात्रियों की मौत हो गयी थी.
  • 20 नवंबर, 2016 : उत्तर प्रदेश में कानपुर से लगभग 60 किलोमीटर दूर पुखरायां में इंदौर-राजेंद्र नगर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे पटरी से उतर गये थे. इस हादसे में 152 यात्रियों की मौत हो गयी थी. जबकि 260 अन्य यात्री घायल हुए थे.
  • 28 मई, 2010 : मुंबई जा रही जनेश्वरी एक्सप्रेस ट्रेन पश्चिम बंगाल में झारग्राम के पास पटरी से उतरने के बाद एक मालगाड़ी से टकरा गयी थी. इस हादसे में 148 यात्रियों की मौत हुई थी.
  • 9 सितंबर, 2002 : हावड़ा राजधानी एक्सप्रेस बिहार के रफीगंज में धावे नदी पर एक पुल के ऊपर पटरी से उतर गयी थी. जिससे उसमें सवार 140 से ज्यादा यात्रियों की जान चली गयी थी.
  • 23 दिसंबर 1964 : पंबन-धनुस्कोडी पैसेंजर ट्रेन रामेश्वरम चक्रवात में बह गयी थी. जिससे उसमें सवार 126 से अधिक यात्रियों की मौत हो गयी थी.
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