- नवा बिहान की ओर से मोरहाबादी स्थित सनराइज पब्लिक स्कूल में GI टैग प्राप्त सोहराई पेंटिंग कार्यशाला
- प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने स्वयं सोहराई चित्र बनाए और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया.
Ranchi : झारखंड की समृद्ध जनजातीय कला एवं सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से नवा बिहान की ओर से मोरहाबादी स्थित सनराइज पब्लिक स्कूल में GI टैग प्राप्त सोहराई पेंटिंग कार्यशाला का आयोजन किया गया.
कार्यक्रम में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों से नवा बिहान में इंटर्नशिप कर रहे छात्र-छात्राओं ने विद्यालय के बच्चों को सोहराई कला का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया.कार्यशाला के दौरान बच्चों को सोहराई पेंटिंग का इतिहास, सांस्कृतिक महत्व, पारंपरिक प्रतीकों और प्राकृतिक रंगों के उपयोग की जानकारी दी गयी.
प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में बच्चों ने स्वयं सोहराई चित्र बनाए और अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया. आयोजकों ने बताया कि सोहराई कला को GI टैग मिलने के बाद इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिली है.
अब इसे आधुनिक डिज़ाइन और उत्पादों से जोड़कर स्थानीय कलाकारों एवं युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी विकसित किये जा रहे हैं. .विद्यालय की प्रधानाध्यापिका पूजा अमृता उरांव ने कहा कि बच्चों को बचपन से ही अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना आवश्यक है
इससे उनमें रचनात्मकता, आत्मविश्वास और अपनी विरासत के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है. उन्होंने नवा बिहान की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
नवा बिहान के संस्थापक आर अजय ने कहा कि संस्था शिक्षा, कौशल विकास, संस्कृति संरक्षण और सामुदायिक विकास को साथ लेकर काम कर रही है. उन्होंने कहा कि सोहराई पेंटिंग जैसी पारंपरिक कला को आधुनिक बाजार और उत्पाद विकास से जोड़कर स्थानीय कलाकारों के लिए स्वरोजगार के नए अवसर तैयार किए जा सकते हैं.
कार्यशाला में प्रशिक्षक मलिका और प्रिया ने बच्चों को प्राकृतिक रंगों से सोहराई पेंटिंग की बारीकियां सिखाईं. उन्होंने बताया कि इस कला का उपयोग दीवारों के अलावा कपड़े, बैग, स्टेशनरी और होम डेकोर उत्पादों में भी किया जा सकता है.
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