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वसूली में लगे हैं कुछ वकील!, पढ़िए कैसे PIL मैनेज करने के लिए मांगे 5 करोड़, जस्टिस का पुराना वीडियो भी वायरल

Ranchi: झारखंड हाईकोर्ट के चर्चित अधिवक्ता राजीव कुमार की भारी नकदी के साथ गिरफ्तारी के बाद अधिवक्ताओं के बीच तरह-तरह की चर्चा हो रही है. इस चर्चा के साथ ही हाईकोर्ट के वकीलों के व्हाट्सअप ग्रुप में एक वीडियो भी वायरल हो रहा है जो कुछ वर्ष पुराना है. यह वीडीयो इंटरनेट पर भी उपलब्ध है. इस वीडियो में सुप्रीम कोर्ट की तत्कालीन न्यायाधीश और झारखंड हाईकोर्ट की पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस आर भानुमति एक कार्यक्रम में वकीलों को एड्रेस करती दिख रही हैं. वकीलों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा था कि "कुछ वकील मोटर दुर्घटना से संबंधित मामलों के एक्सपर्ट होते हैं, उसी तरह रांची में एक वकील हैं जो PIL के एक्सपर्ट हैं. सारे PIL वही करते हैं. PIL के अतिरिक्त वह कुछ भी नहीं करते हैं. सुनवाई के दौरान सिर्फ उन्हीं का मामला आता था. सारे PIL जनहित के लिए नहीं होते थे. उदाहरणस्वरुप अगर कोई इंडस्ट्री लग रही है तो PIL कर दिया जाएगा की उक्त भूमि वासभूमि (रेसिडेंशियल एरिया) है. जस्टिस भानुमति का कहना था कि PIL दायर कर ऐसे लोग करोड़ों रुपये कमाते हैं. हालांकि उन्होंने किसी व्यक्ति विशेष का नाम नहीं लिया था. लेकिन उन्होंने इशारों-इशारों में जो भी बातें कही वह हाल के दिनों में हुई घटना के बाद चरितार्थ होती दिख रही है. इसे पढ़ें- राजीव">https://lagatar.in/rajiv-kumar-case-hc-said-on-fathers-petition-case-of-another-state-hearing-is-not-possible/">राजीव

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उल्लेखनीय है कि झारखंड हाइकोर्ट के अधिवक्ता राजीव कुमार को रविवार शाम कोलकाता पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. कोलकाता पुलिस ने राजीव कुमार को कोलकाता के बड़ाबाजार स्थित हैरिसनरोड के एक मॉल से हिरासत में लिया था. कोलकाता मध्य इलाके के लालबाजार एंटी राउडी स्क्वॉयड (एआरएस) पुलिस टीम ने हेयर स्ट्रीट थाने के साथ मिलकर कार्रवाई की थी. अधिवक्ता की गिरफ्तारी को लेकर कोलकाता पुलिस ने झारखंड स्टेट बार काउंसिल के सेक्रेटरी को पत्र लिखा है. पत्र में लिखा गया है कि अरगोड़ा थाना क्षेत्र के गौरी शंकर नगर के रहने वाले राजीव कुमार को बीते 31 जुलाई को रात के नौ बजे गिरफ्तार किया गया है. वकील राजीव कुमार को कोलकाता के एक व्यवसायी की शिकायत के बाद लाखों रुपये के साथ पुलिस ने पकड़ा है. इससे पहले ही वकील राजीव कुमार झारखंड में काफी चर्चित रहे हैं. हाल के दिनों में उन्होंने कई ज्वलंत मुद्दों को लेकर दायर की गई जनहित याचिका में वकील के रूप में केस लड़ी और उनमें जीत भी हासिल की. लेकिन यह बात भी साये की तरह उनके साथ रही है कि एक बार पहले भी विवादों में रहने के कारण उनका लाइसेंस सस्पेंड हुआ था. इसे भी पढ़ें-लोकसभा-राज्यसभा">https://lagatar.in/modi-government-surrounded-by-inflation-of-chakravueh-in-lok-sabha-rajya-sabha-mahua-maji-of-jharkhand-also-entered-in-the-field/">लोकसभा-राज्यसभा

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वहीं ताज़ा मामला सामने आने के बाद एक अन्य व्यक्ति ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि झारखंड की एक बड़ी माइनिंग कम्पनी को पार्टी बनाते हुए किसी संस्था ने हाईकोर्ट के एक वकील को नियुक्त कर जनहित याचिका दाखिल की. जनहित याचिका दाखिल होने के बाद उस खनन कम्पनी के लोगों ने केस लड़ रहे अधिवक्ता से बात की. बातचीत के क्रम में जो हुआ वह चौंकाने वाला था. क्योंकि जिस वकील को PIL में हाईकोर्ट में पक्ष रखने के लिए नियुक्त किया गया था. उसने कम्पनी की ओर से बात करने गए लोगों से 5 करोड़ रुपये की डिमांड ठोंक दी. उस वकील का कहना था कि इस डील में सबका हिस्सा होगा. जनहित याचिका दाखिल करने वाले वकील, PIL के प्रार्थी और दस्तावेज इकठा करने वाले व्यक्ति का भी हिस्सा होता है. [wpse_comments_template]

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