विधानसभा चुनाव : जयराम रमेश ने ट्वीट किया, कांग्रेस जीत गयी है और प्रधानमंत्री मोदी हार गये हैं)
मैं शुरू से कह रहा हूँ कि ज़मीन घोटाले में जालसाज़ी कर नाजायज क़ब्ज़ा कराने, गरीब आदिवासियों की ज़मीन भू माफयाओं के हवाले कराने का खेल सिर्फ़ दलालों, जालसाज़ों, सत्ताधारियों, लुटेरों के बस की बात नहीं है। इस गोरखधंधे में कुछ पुलिस के लोग भी बराबर का हिस्सेदार और गुनहगार हैं।
एक… — Babulal Marandi (@yourBabulal) May">https://twitter.com/yourBabulal/status/1657205645408616449?ref_src=twsrc%5Etfw">May
13, 2023
भू-माफियाओं से अपनी जमीन छुड़ाने के लिये दर-दर भटक रहे गरीब-आदिवासी
बाबूलाल ने कहा कि एक तरफ गरीब-आदिवासी भू-माफियाओं से अपनी जमीन छुड़ाने के लिये कोर्ट का आदेश लेकर पुलिस की मदद के लिये दर-दर भटकते रहे हैं. दूसरी तरफ यही पुलिस माफियाओं से लाभ लेकर रात के अंधेरे में भी जमीन कब्जा करवाती रही है. बजरा, सेना और मेडिका के बगल की जमीन तो नमूना मात्र है. ऐसे सैंकड़ों जमीन पर सत्ता की सांठगांठ से प्रशासन और पुलिस ने माफियाओं का कब्जा करवाया है. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/40-constables-of-jharkhand-police-could-not-hit-the-target/">झारखंडपुलिस के 40 दरोगा नहीं लगा सके लक्ष्य पर निशाना [wpse_comments_template]

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