Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

सीएस और मंत्रिमंडल सचिवालय को स्पीकर का निर्देश, सुनिश्चित करें, विधायकों को सम्मान दें अधिकारी

Advertisement
Advertisement
Ranchi :  झारखंड विधानसभा में बुधवार को स्पीकर रविंद्र नाथ महतो ने चीफ सेक्रेटरी और मंत्रिमंडल सचिवालय और निगरानी विभाग को निर्देश दिया है कि वो सभी सुनिश्चित करें कि सारे पदाधिकारी और अधिकारी विधायकों को यथोचित सम्मान दें.उन्होंने कहा कि यह बात कई बार सामने आयी है कि अधिकारी विधायकों को सम्मान नहीं देते. स्पीकर ने कहा कि नियम के मुताबिक अधिकारी विधायकों को अक्षरशः सम्मान दें. इसे भी पढ़ें - सदन">https://lagatar.in/amba-prasad-became-emotional-again-in-the-house-said-i-want-justice-this-is-the-murder-of-democracy/">सदन

में फिर भावुक हुई अंबा प्रसाद, कहा- मुझे न्याय चाहिए, यह लोकतंत्र की हत्या है

पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने उठाया था सवाल 

बता दें कि मंगलवार को सीपी सिंह और अनूप सिंह ने विधायकों के सम्मान को लेकर सदन में सवाल उठाया था. सीपी सिंह ने एडीजी मुरारी लाल मीणा को घटिया अफसर बताया था. साथ ही रांची के डीसी छवि रंजन को घूसखोर कहा था. वहीं कांग्रेस के विधायक अनूप सिंह ने विधायकों की बेईज्जती का मामला उठाया. अनूप सिंह ने विधानसभा में कहा कि 21 मार्च की रात राजभवन में डिनर पार्टी थी. डिनर पार्टी में मंत्रियों, विधायकों और अफसरों को आमंत्रित किया गया था. इस डिनर पार्टी में विधायकों को बेईज्जत किया गया. मंत्री और कई बार विधायक रहे सुदेश महतो, लंबोदर महतो, इरफान अंसारी जैसे विधायकों को बैठने तक की जगह नहीं मिली. अनूप सिंह के कहा कि राजभवन की इस घटना से साफ पता चलता है कि कार्यपालिका ने अपनी जिम्मेदारी सही तरीके से नहीं निभाई. इस कारण विधायकों को बेइज्जती का सामना करना पड़ा. डिनर के बाद जब विधायक जाने लगे तो रमेश गिरी नाम के पुलिस पदाधिकारी ने सभी विधायकों की गाड़ियों को रुकवा कर एडीजी मुरारी लाल मीना की गाड़ी को अंदर घुसवाया. इसे भी पढ़ें - पाकिस्तान">https://lagatar.in/there-is-a-possibility-of-turmoil-in-pakistan-army-chief-bajwa-gave-a-decree-imran-khan-should-step-down-as-prime-minister/">पाकिस्तान

में उथल-पुथल के आसार, सेना प्रमुख बाजवा ने सुनाया फरमान, इमरान खान प्रधानमंत्री पद छोड़ें

डीसी और एसपी का क्या प्रोटोकोल होता है

अनूप सिंह ने कहा कि अधिकारियों को मालूम होना चाहिए कि विधायिका कार्यपालिका से ऊंची है. उन्हें यह मालूम होना चाहिए की डीसी और एसपी का क्या प्रोटोकॉल होता है. उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा में भी विधायकों को बेइज्जती का सामना करना पड़ता है. स्पीकर, मुख्यमंत्री, मंत्री एक नंबर गेट से घुस जाते हैं, लेकिन जब विधायकों को तीन नंबर गेट से अंदर जाना पड़ता है तब अधिकारी खड़े तक नहीं होते हैं.[wpdiscuz-feedback id="9ilr6h59b8" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback] इसे भी पढ़ें - झारखंड">https://lagatar.in/hit-run-death-in-jharkhand-will-now-give-4-lakh-compensation-to-victims-family/">झारखंड

में हिट एंड रन से मौत पर अब मिलेगा पीड़ित परिजनों को 4 लाख मुआवजा [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही