Ranchi : राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) झारखंड ने 2 जून को हीट एक्शन डे और 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर राज्यभर में विशेष जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है.
इस संबंध में एनएचएम के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने सभी जिलों के सिविल सर्जन-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं.
एनएचएम को राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (एनपीसीसीएचएच) के तहत मिले निर्देशों के आधार पर यह अभियान संचालित किया जाएगा. इस वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस की थीम Inspired by Nature - For Climate - For Our Future रखी गई है.
शशि प्रकाश झा ने कहा कि राज्य में लगातार हीटवेव और कई क्षेत्रों में असामान्य बारिश देखने को मिली है. वहीं सामान्य तापमान के बावजूद बढ़ी हुई आर्द्रता के कारण लोगों में गर्मी से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है.
इसे देखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को सतर्क रहने तथा गर्मी जनित बीमारियों की पहचान, उपचार और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने बताया कि 2 जून से 5 जून तक स्वास्थ्य केंद्रों और सामुदायिक स्तर पर विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे. इसके अलावा पूरे सप्ताह विशेष अभियान चलाकर लोगों को जलवायु परिवर्तन से होने वाले स्वास्थ्य संबंधी खतरों के प्रति जागरूक किया जाएगा.
अभियान के दौरान अत्यधिक गर्मी, सूखा, पर्यावरण संरक्षण और स्वास्थ्य संस्थानों को जलवायु अनुकूल बनाने जैसे विषयों पर विशेष जोर दिया जाएगा. इसके तहत रैली, सामुदायिक बैठक, प्रशिक्षण कार्यक्रम और सूचना-शिक्षा-संचार (आईईसी) गतिविधियां आयोजित होंगी.
जनभागीदारी बढ़ाने के लिए आपदा प्रबंधन, शिक्षा, पर्यावरण, परिवहन, पर्यटन, श्रम विभाग और स्थानीय निकायों के साथ समन्वय कर बहु-क्षेत्रीय टास्क फोर्स की बैठकें भी की जाएंगी. जिलों को इस अभियान के लिए एनएचएम के एनपीसीसीएचएच मद के आईईसी और बीसीसी फंड का उपयोग करने की अनुमति दी गई है.
एनएचएम के राज्य आईईसी नोडल पदाधिकारी डॉ. राहुल किशोर सिंह ने बताया कि सीएचओ, एएनएम, स्वास्थ्य सहिया और अन्य अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को गर्मी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम और प्रबंधन के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित और संवेदनशील बनाने का निर्देश दिया गया है.
उन्होंने कहा कि अभियान के दौरान बाहरी श्रमिकों, बुजुर्गों, बच्चों, गिग वर्कर्स, गंभीर बीमारियों से पीड़ित लोगों और अधिक जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले समुदायों तक विशेष रूप से पहुंच बनाई जाएगी.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.
Leave a Comment