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क्रिसमस पर शुक्रवार रात 10.30 बजे होगी विशेष रात्रि मिस्सा

- जानिए किन तीन मुख्य चीजों पर बिशपों ने विश्वासियों से प्रार्थना की अपील की Ranchi :  कोविड के कारण इस वर्ष भी क्रिसमस काफी सादगी से मनायी जायेगी. इसके लिए चर्चों ने तैयारी कर ली है. शहर के सभी गिरजाघर और प्रार्थनालय सजकर तैयार हैं. शुक्रवार देर रात ही गिरजाघरों में विश्वासी यीशू के आगमन के लिए इकठ्ठा होंगे. वे अपने उद्धारकर्ता, मसीहा के आगमन को लेकर काफी उत्साहित है. पर कोविड संक्रमण के खतरे के कारण इस वर्ष पर्व मनाया तो रहा है, पर सादगी के साथ. कैथोलिक कलीसिया के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो और सहायक बिशप थियोडोर मस्करेंहास ने विश्वासियों से अपील की है कि वे इस वर्ष भी सादगी के साथ क्रिसमस मनाएं और जरूरतमंदों की मदद कर पर्व के अर्थ को सार्थक करें.

संत मारिया गिरजाघर में विशेष मिस्सा

संत मारिया गिरजाघर या संत मेरिज चर्च में शुक्रवार रात 10:30 बजे से यीशू का जन्म पर्व मनाया जायेगा. पर्व पर मिस्सा का संचालन आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो करेंगे. वहीं 25 दिसंबर को सुबह 5, 6.30 और 7.30 बजे से मिस्सा होगा. पैरिशों को लोगों की सुविधा को देखते हुए मिस्सा आयोजित करने का निर्देश दिया गया है. संत मारिया गिरजाघर में सुरक्षा की दृष्टि से विश्वासियों के अलग-अलग बैठने के लिए बेंचों पर निशान बनाये गये हैं. वहीं अधिक भीड़ के अनुमान को देखते हुए चर्च परिसर में भी टेंट लगाकर एलइडी स्क्रीन लगाये जायेंगे. https://youtu.be/Ue-9owWOSjM

26 दिसंबर को गरीबों के बीच बंटेंगे 20 रिक्शा और 32 सिलाई मशीन

सहायक बिशप थियोडोर ने कहा कि कोविड काल में गरीबों को अधिक परेशानी उठानी पड़ी है. ऐसी परिस्थितियों में क्रिसमस का अर्थ और भी सार्थक होता है. क्योंकि यीशू का जन्म भी गरीबी से जुड़ा है. बिशप ने इस क्रिसमस पर तीन मुख्य चीजों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए विश्वासियों से अपील की है. पहला- सादगी के साथ क्रिसमस मनाएं. समिति संसाधनों के साथ केवल जरूरी चीजों पर खर्च करें. क्रिसमस का आनंद गरीबों के साथ मनाने पर जोर दिया. इसके तहत रांची आर्च डायसिस 26 दिसंबर को वैसे 20 गरीब, जिनके पास कोई रोजगार का साधन नहीं है, उन्हें रिक्शा देगी. साथ ही 32 महिलाओं के बीच सिलाई मशीन वितरित करेगा, ताकि वे रोजी-रोटी कमा सकें.

प्रेम, सेवा, शांति को बढ़ावा देनी वाली शक्तियों के लिए करें प्रार्थना

बिशप ने आगे कहा कि दूसरी महत्वपूर्ण चीज जिसका स्मरण करते हुए इस वर्ष हमें क्रिसमस मनाना है, वह है – शांतिपूर्ण क्रिसमस. कैथलिक चर्च शांति, भाईचारे और सदभावना फैलाने पर जोर देता है. और तीसरी सबसे मुख्य बात जिस पर उन्होंने जोर दिया, वह है देश में चर्च और ईसाइयों के विरुद्ध उड़ायी जा रही हवा. उन्होंने कर्नाटक और मध्यप्रदेश में ईसाइयों को प्रति हो रहे षंडयंत्र का जिक्र करते हुए कहा कि देश में कुछ शक्तियां ऐसी हैं, जो समुदाय को तकलीफ दे रही हैं. इस क्रिसमस हमें प्रार्थना करना है कि ऐसी शक्तियां न उठे, जो देश को विभाजित कर रही हैं, बल्कि वैसी शक्तियां उठे, जो प्रेम, सेवा और शांति को बढ़ावा दे.

गरीबों पर ईश्वर की विषेश कृपा, आर्चबिशप ने उनकी मदद की अपील की

इस अवसर पर आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने अपने संबोधन में कहा कि यह पर्व आध्यात्मिक रूप से बहुत बड़ा पर्व है. हमें बिना किसी धर्म, जाति, भाषा के भेदभाव के साथ प्रेम फैलाना है. ईश्वर ने गरीबों से ज्यादा प्रेम किया. उन पर उनकी विशेष कृपा रही है. क्योंकि उन्होंने खुद गरीबी वाले परिस्थितियों में जन्म लिया. उन्होंने विश्वासियों से अपील की है कि धूम-धड़ाका, नाच-गान, खान-पान में सादगी लाएं और उसकी जगह गरीबों की मदद करें. इसे भी पढ़ें – JSSC">https://lagatar.in/jssc-recruitment-for-956-posts-check-details-here/">JSSC

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