- खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार खत्म होने से झारखंड को क़रीब 15000 करोड़ का नुक़सान होगा.
Ranchi : खनिजों पर सेस लगाने का अधिकार खत्म करने के विरोध में झारखंड विधानसभा का विशेष सत्र 5-6 अक्टूबर को आयोजित की जा सकती है. कल (25 सितंबर) को होने वाली कैबिनेट की बैठक में इसका प्रस्ताव लाया जा सकता है.
उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार ने खनिजों पर सेस लगाने के राज्यों के अधिकार को खत्म कर दिया है. इस विधेयक के पारित होने के बाद झारखंड सरकार को सलाना करीब 15 हजार करोड़ रुपये का नुक़सान उठाना पड़ेगा. झारखंड में सत्तारुढ़ झामुमो और कांग्रेस केंद्र सरकार के इस नए फैसले का विरोध कर रही है.
केंद्र सरकार के फैसले के ख़िलाफ राज्य भर में आंदोलन चल रहा है. इसी मुद्दे पर झारखंड सरकार विशेष सत्र आयोजित कर केंद्र सरकार को एक संदेश देना चाहती है. राज्य सरकार का कहना है कि झारखंड को हजारों करोड़ रुपये के राजस्व का नुक़सान होगा. इसलिए या तो केंद्र सरकार झारखंड को सेस लगाने की अनुमति दे, या फिर घाटे की भरपाई करे.
वित्तमंत्री राधा कृष्ण किशोर कहते रहे हैं कि सेस लगाना राज्य सरकार का अधिकार है. यह अधिकार राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट ने दिया था. खनन की वजह से जो दिक्कतें विस्थापन व प्रदूषण होता है, उसे राज्य के लोग झेलते हैं, इसलिए सेस वसूली का अधिकार भी राज्य सरकार को मिलनी चाहिए.