Hazaribagh : मुस्लिम धर्मावलंबियों की बुधवार की पूरी रात इबादत में गुजरी. वहीं अकीदमंदों ने गुनाहों से तौबा कर शब-ए-बारात मनाई. अरबी चांद के 10वें महीने शाबान उल मुअज्जम की 14वीं शब को शब-ए-बारात मुबारक मनाया गया. राजद जिलाध्यक्ष संजर मलिक ने बताया कि शब-ए-बारात इबादत और बरकत की रात है. इस रात की बड़ी फजीलत है. रब कहता है जो कोई मुझ से मांगे रोते, गिड़गिड़ाते, आंसू बहाते आज इस बरकत की रात में उस हर जायज दुआ कबुल फरमाउंगा. आज की रात परवरदिगार अपने बंदों की बख्शीस कर देते हैं. पगमिल निवासी खैरूल वरा उर्फ बॉबी ने बताया कि अकीदतमंदों को नफिल नमाज, कुरान पाक की तिलावत, शिदक दिल से माफी मांगनी चाहिए, मौला आज की दुआ कभी रद्द नहीं करते. आज की रात नबी हजरत मुहम्मद सल्ललाहो अलैह वसल्लम जनतुल बकी कब्रिस्तान गए थे. अपने अजीज, दोस्तों और मोमिनों के लिए मगफीरत की दुआ की थी. उसी वक्त से शब-ए-बारात मनाने का यह सिलसिला चला आ रहा है. लोग अपने मरहुमिन के एसाले शवाब एवं मगफिरत की दुआएं करने के लिए कब्रिस्तान में जाते हैं. इस रात की होने वाली सुबह मुबारक है. इसलिए कई लोगों ने रोजे भी रखे थे.

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