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हेमंत सरकार का राजकीय एंथम, जीना है तो डर के जियो, जीवन में एक पल भी हंसना नः बाबूलाल

Ranchi: बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने हेमंत सरकार के लिए राजकीय एंथम लिखा है. उन्होंने ट्वीट कर एंथम में लिखा है कि जीना है तो डर के जियो, जीवन में एक पल भी हंसना न,, कहा है कि प्रदेश में आए दिन हो रही चोरी से एक बार तो स्पष्ट हो चुकी है कि चोरों को सरंक्षण देने वाली हेमंत सरकार ने झारखंड में चोरी को राजकीय व्यवसाय मान लिया है, तभी तो चोरी और चोरों पर कार्यवाही करने के बजाव उनको प्रोत्साहित किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें -एस">https://lagatar.in/s-jaishankar-said-we-are-keeping-an-eye-on-the-situation-in-bangladesh-in-touch-with-bangladesh-army-for-the-safety-of-students/">एस

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चोरों का आतंक अंधेरे की गहराई से अधिक भयावह

झारखंड में चोरों का आतंक अंधेरे की गहराई से अधिक भयावह हो चुका है, अब झारखंड का हाल ऐसा हो गया है कि लोगों को अंधेरों से ज्यादा, चोरों से डर लगने लगा है. अंधेरे की शिकायत तो फिर भी सूरज से की जा सकती है, लेकिन चोरी की शिकायत किससे की जाए! शासन- प्रशासन तो चोरों को तथा उनकी चोरी को बचाने में लगा हुआ है.

तन, मन, भवन सब डोल रहा है...

दूसरे ट्वीट में बाबूलाल मरांडी ने लिखा है कि झारखंड में जैसे मुख्यमंत्री सहित सभी मंत्रियों का मन डोलता रहता है, ठीक वैसे ही सरकारी भवनों की नींव भी डोल रही है, कब, कैसे, किसके ऊपर ये गिर जाएं, ज्योतिषी भी नहीं बता सकते हैं. ये हेमंत का लूटखंड है यहां सिर्फ बाइक चलाते समय हेलमेट पहनना अनिवार्य नहीं है, बल्कि बिल्डिंगों में घुसते समय, अपना कार्य करते समय हेलमेट की आवश्यकता और बढ़ जाती है, क्योंकि न जाने कब कौन सी छत टूटकर आपके जीवन पर विराम लगा दे. कहीं छत से कंक्रीट और प्लास्टर टूट कर गिर रहा है, तो कहीं पिलर का कोई हिस्सा, तो कहीं पूरा का पूरा भवन गिरने की तैयारी कर चुका है. यहां सुरक्षा अपने और अपने सिर की सिर्फ हेलमेट के हाथों है, सरकार का सुरक्षा से कोई वास्ता नहीं है. हेमंत सरकार से जनता का विश्वास तो पहले ही टूटकर, गिरकर बिखर चुका है, अब भवनों और नींवों का विश्वास भी टूटकर गिरता दिखाई पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें -पटना:">https://lagatar.in/there-is-no-question-of-survival-in-job-matters/">पटना:

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