- 25 फरवरी को वर्तमान प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कार्यकाल हो चुका है समाप्त
- प्रदेश भाजपा में तीन खेमा अपने-अपने स्तर से लामबंदी में जुटा है
Kaushal Anand Ranchi: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष दीपक प्रकाश का कार्यकाल 25 फरवरी को समाप्त हो चुका है. ऐसी संभावना जतायी जा रही थी कि पूर्वोत्तर राज्यों के चुनाव के बाद केंद्रीय नेतृत्व इस पर फैसला ले लेगा. मगर प्रदेश अध्यक्ष को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ है. दीपक प्रकाश को न तो एक्सटेंशन मिला है और न ही नए नाम की घोषणा की गयी है. इसको लेकर प्रदेश संगठन में तरह-तरह की चर्चा हो रही है. एक खेमा चाहता है कि वर्तमान अध्यक्ष को एक्सटेंशन मिल जाए. इस गुट ने अपनी लामबंदी शुरू कर दी है. इस खेमे में बाबूलाल मरांडी और खुद दीपक प्रकाश खेमे के नेता और कार्यकर्ता शामिल हैं. बाबूलाल भी चाहते हैं कि लोकसभा चुनाव तक वर्तमान अध्यक्ष को ही कंटीन्यू कर दिया जाए. वहीं रघुवर दास और अर्जुन मुंडा खेमा दीपक प्रकाश के एक्सटेंशन के खिलाफ है. यह दोनों खेमा नए प्रदेश अध्यक्ष चाहता है.
अर्जुन मुंडा खेमा आदिवासी प्रदेश अध्यक्ष के पक्ष में
संभावना थी कि बाबूलाल मरांडी को नए अध्यक्ष की कुर्सी दे दी जाए और मरांडी की जगह किसी और को विधायक दल का नेता चुन लिया जाए. क्योंकि तीन साल गुजरने के बाद भी अब तक विधानसभा में दल-बदल मामले पर फैसला नहीं आया है. इस कारण नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी खाली है. दल-बदल में जल्द फैसला आने की संभावना भी कम है. ऐसे में हो सकता है कि वर्तमान कार्यकाल नेता प्रतिपक्ष के बिना गुजर जाए. ऐसे में भाजपा में इसकी संभावना बढ़ गयी थी कि बाबूलाल मरांडी को अध्यक्ष बनाकर उनकी जगह किसी और विधायक को विधायक दल का नेता चुन लिया जाए, ताकि नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी मिल जाए. भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मरांडी से प्रदेश अध्यक्ष बनने से इनकार कर दिया है. इसके बाद अर्जुन मुंडा खेमा चाहता है कि किसी आदिवासी को नए अध्यक्ष की जिम्मेवारी सौंपी जाए. इसके पीछे सबसे बड़ा कारण रघुवर दास के कार्यकाल में गत विधानसभा चुनाव में 28 एसटी सीटों में से 26 हार जाना बताया जा रहा है. इसलिए अर्जुन मुंडा खेमा आदिवासी अध्यक्ष चाहता है. मरांडी के इनकार करने के बाद राज्यसभा सांसद और भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष समीर उरांव के नाम की चर्चा हो रही है. एक नया नाम रांची मेयर और भाजपा की केंद्रीय मंत्री आशा लकड़ा का भी आ रहा है.
रघुवर खेमा चाहता है गैर आदिवासी अध्यक्ष, मगर दीपक के एक्सटेंशन के खिलाफ
पूर्व सीएम रघुवर दास खेमा गैर आदिवासी अध्यक्ष के पक्ष में हैं. लेकिन दीपक प्रकाश के कार्यकाल के एक्सटेंशन के खिलाफ है. मरांडी के भाजपा में शामिल होने के बाद प्रदेश संगठन में उनके लोगों को दरकिनार कर दिया गया है. इससे रघुवर खेमे के भाजपा नेता और कार्यकर्ता नए अध्यक्ष को लेकर लामबंदी कर रहे हैं. चूंकि लोकसभा चुनाव सिर पर है, इसलिए केंद्रीय नेतृत्व झारखंड को लेकर हर नफा-नुकसान का आकलन कर रहा है. इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष पर कोई अंतिम फैसला होगा. [wpse_comments_template]
Leave a Comment