को लेकर आदिवासियों ने जारी किया 10 जनवरी के कार्यक्रम का पोस्टर, जैन समाज को अतिक्रणकारी बताया
बैठक में पारित किए गये ये प्रस्ताव
- झारखंड प्रशासनिक सेवा को प्रीमियर सेवा घोषित किया जाए.
- महिला पदाधिकारियों के लिए केंद्र सरकार के अनुरूप चाइल्ड केयर लीव की व्यवस्था की जाये.
- प्रोन्नत पदाधिकारियों का चिह्नित पदों पर अविलंब पदस्थापन किया जाये.
- सातवें वेतन आयोग की अनुशंसा को लागू करने के लिए गठित फिटमेंट कमेटी की अनुशंसा के आलोक में मूल कोटि के पदाधिकारियों के लिए पेमेट्रिक्स L 10, अपर सचिव के लिए L 13A और विशेष सचिव के लिए L-14 वेतनमान की स्वीकृति हो.
- रिक्त पदों पर अविलंब पदाधिकारियों को प्रोन्नति दी जाये.
- रेवेन्यू प्रोटेक्शन एक्ट को लागू किया जाए.
- सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए वाहन की व्यवस्था की जाए.
- अंचल गार्ड के लिए अलग बटालियन का गठन हो.
- समयबद्ध पदोन्नति को सख्ती से लागू किया जाए. समय पूरा होते ही पदाधिकारी की प्रोन्नति की जाए और साथ ही उसे प्रोन्नत पद का वेतनमान दिया जाए. इसके लिए पदस्थापन की प्रतीक्षा न की जाए.
- झारखंड प्रशासनिक सेवा संघ के कार्यालय के लिए रांची में भूमि की व्यवस्था हो.
- उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए सवैतनिक अवकाश की व्यवस्था की जाये.
- प्रशासनिक पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था हो.
- दिवंगत राम नरेश सोनी के परिवार को ₹200000 सहायता राशि देने की स्वीकृति दी गई.
- भविष्य में पदाधिकारियों की कर्तव्य के दौरान मृत्यु की स्थिति में ₹200000 की सहायता राशि को सार्वभौमिक किया गया.
- सभी सदस्यों से ₹1000 वार्षिक सदस्यता शुल्क लिया जाएगा, जो जनवरी माह में ही देय होगा.
- 17 संघ की अपनी वेबसाइट होगी, जिसके निर्माण की जवाबदेही संजय कुमार को दी गई.
- एक विधि कोषांग का गठन किया गया है, जिसमें दीपंकर श्रीज्ञान, प्रवीण प्रकाश, अतुल कुमार, रिंकू कुमार, ठाकुर गौरी शंकर शर्मा, सुनील सिंह एवं अजय रजक काे मनोनीत किया गया, जो संघ के बाइलॉज का अध्ययन कर उसमें आवश्यक सुधार के लिए अपनी अनुशंसा कार्यकारिणी की अगली बैठक में प्रस्तुत करेंगे.
- राज्य कार्यकारिणी की बैठक प्रत्येक 3 माह में आयोजित की जाएगी, जबकि जिला इकाई प्रत्येक महीने अपनी बैठक करेगी.
- भी सुझावों की प्रगति के पर्यवेक्षण के लिए एक अलग से कमेटी बनाने की बात कही गई, जो कमेटी समय-समय पर इसकी जांच करेगी कि सुझावों के प्रति हम कहां तक आगे बढ़ पाए हैं.
- एक कमेटी बनाने का भी सुझाव दिया गया, जो अन्य राज्यों की प्रशासनिक स्थिति का आकलन कर समय-समय पर सरकार को अपना प्रतिवेदन देगी.
- छठी बैच के 24 पदाधिकारियों के अविलंब पदस्थापन के लिए सरकार से पत्राचार किया जाए .
- सभी प्रशासनिक पदाधिकारियों का कार्मिक से पहचान पत्र निर्गत किया जाए.
- राज्य प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारियों का प्रोटोकॉल बनाया जाये और राष्ट्रीय फेडरेशन में सक्रिय सहभागिता बनाई जाये.
- प्रशासनिक पदाधिकारियों का पदनाम उप समाहर्ता से हटाकर झारखंड प्रशासनिक सेवा (JAS) किया जाए. क्योंकि हमारे पदाधिकारी जब विशेष सचिव भी बन जाते हैं, तब भी डिप्टी कलक्टर ही रहते हैं, जो प्रासंगिक नहीं है.
कोई कह सकता है कि राष्ट्रपति की नियुक्ति अनुकंपा पर हुई है, सर्वोच्च न्यायालय स्वतः संज्ञान ले : झामुमो [wpse_comments_template]

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