आयोग के अध्यक्ष ने मुखियों को पढ़ाया कर्तव्य व अधिकार का पाठ
Deoghar : जिले में सरकार की खाद्य आपूर्ति योजनाओं का हाल जानने को राज्य खाद्य आयोग की टीम देवघर पहुंची है. इस टीम ने 22 सितंबर को देवघर के नंदन पहाङ स्थित झारक्राफ्ट सभागार में जिलेभर के मुखियों व संबंधित अधिकारियों से सीधा संवाद कर योजनाओं का व्योरा लिया. कार्यक्रम के पहले चरण में आयोग के अध्यक्ष सुधांशु शेखर व सदस्या शबनम परविन ने पदाधिकारियों से खाद्यान्न से जुड़ी योजनाओं की जानकारी ली. आयोग के अध्यक्ष ने मुखियों को संबोधित करते हुए कहा कि मुखिया अपने अधिकारों को जाने और उसका इस्तेमाल करें. जबतक मुखिया निगरानी नहीं करेंगे, योजनाओं का लाभ सही लोगों को मिल सकता है. उन्होंने कहा कि तक मुखिया जागरुक नहीं होंगे तब विकास नहीं होगा. मुखिया पहले पदाधिकारी से पूछे अगर नहीं सुनते हैं तो आयोग से शिकायत करें. अध्यक्ष ने माना कि आयोग में शिकायतें कम आती है, इसका अर्थ हो सकता है कि लोग जागरुक नहीं हैं.नहीं बचता है तो छोड़ दें डीलरशिप
जिला आपूर्ति पदाधिकारी अमित कुमार ने खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी दी, जबकि जिला कल्याण पदाधिकारी ने आंगनबाङी के पोषाहार वितरण को विस्तार से बताया. इसी क्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी ने जिले के सभी 1441 स्कूलो में संचालित मीड डे मील की मेन्यू से अवगत कराया. उन्होंने कहा कि मीड डे मील में विशेष चावल दिया जाता है, जो अधिक पौष्टिक व सुपाच्य होता है. मौके पर राशन डीलरों के जवाब के असंतुष्ट होकर अध्यक्ष ने कहा कि अगर डीलरों को नहीं बचता है तो डीलरशिप छोङ दें, सरकार बाध्य नहीं करती है. उन्होंने डीलरों के साथ एक सीधा संवाद करने का भरोसा दिया.सिविल सर्जन ने आंगनबाड़ी को घेरा
[caption id="attachment_764821" align="aligncenter" width="272"]alt="" width="272" height="181" /> मंचासीन अधिकारी व जनप्रतिनिधि[/caption] वही सिविल सर्जन ने एमटीसी कुपोषण केन्द्रों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी. उन्होंने आकड़ा के माध्यम से कुपोषित बच्चो के पंजीकरण की स्थिति बतायी. हालाकि सिविल सर्जन ने माना कि पंजीकरण कम संख्या होने का दो ही मतलब हो सकता है या तो कुपोषित बच्चों की संख्या कम है या फिर कुपोषण केन्द्रों तक बच्चो को लाने की जिम्मेवारी जिन पर है वे शिथिलता हैं. वही अपरसमाहर्ता-सह-जिला शिकायत निवारण पदाधिकारी ने खाद्यान्न से जुड़ी शिकायतों का आंकड़ा गिनायी. इस मामले में आयोग की सदस्या शबनम परवेज कहा कि आयोग को शिकायत कम मिल रही है, जिसका सीधा अर्थ है कि आप सजग नहीं है. यह">https://lagatar.in/deoghar-eunuchs-gave-rs-20-thousand-for-the-treatment-of-a-sick-girl/">यह
भी पढ़ें: देवघर : किन्नरों ने बीमार बच्ची के इलाज को दिया 20 हजार [wpse_comments_template]
Leave a Comment