Search

हाल-ए-क्रिकेट : पर्ची सिस्टम से ही रहा बंटाधार!

Shailendra Verma जुरेल, गिल, पुजारा, किशन, मुशीर, तिलक, रिंकू, सूर्यकुमार, रुतुराज, वगैरह, वगैरह रिटायर्ड क्रिकेटर, यूट्यूबर्स, ब्लॉगर्स, यहां तक कि आप और मैं-सभी केएल राहुल से आगे खेल सकते हैं. फिर भी, पहेली बनी रहती है : वह हमेशा अंदर रहते हैं, जबकि बाकी सभी इंतजार करते हैं. यहां बताया गया है कि वह टीम में क्यों रहते हैं : यह उनका पर्ची इको-सिस्टम है! बिन्नी : बीसीसीआई अध्यक्ष, शक्तिशाली लॉबी गंभीर : भारत के कोच, लखनऊ के उनके पूर्व मेंटर सुनील शेट्टी : बॉलीवुड की लिबरल लॉबी नेटिजन्स : बैंगलोर लॉबी बहस खत्म हो गयी है. पंत भारत की पहली पसंद विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं. बैसाखी के मामले में भी वह पांच पैरों पर केएल राहुल से बेहतर हैं! हां, अन्य बल्लेबाज विफल रहे, और निचले क्रम ने चौथे दिन भारत के लाभ को भुनाया नहीं, लेकिन राहुल के पास स्लाइड शुरू करने का कोई बहाना नहीं है. घरेलू धरती पर एक उचित बल्लेबाज के रूप में, उन्हें अपने साथियों की कड़ी मेहनत और धैर्य पर निर्माण करना चाहिए था. यह टेस्ट सिर्फ 46 रन की शर्मनाक पारी के लिए ही नहीं, बल्कि यह भी याद रखा जायेगा कि अगर राहुल ने 30 रनों का भी योगदान दिया होता. लेकिन इस नंबर 11 डिकॉय से पूछना बहुत ज्यादा है. सच कहूं तो अगर वह अगले टेस्ट में 200 रन बनाते हैं तो परवाह नहीं है. जब यह मायने रखता है तो उन्हें कदम बढ़ाने की जरूरत है. अब बहुत हो गया है. समस्या बड़ा स्कोर करने में उनकी विफलता नहीं है बल्कि यह उनकी विफलता है जब भारत को उनकी सबसे ज्यादा जरूरत थी. उनका रूप इतना खराब है और वह सिटर भी छोड़ रहा है कि उसे खड़ा होना चाहिए और गिराए जाने की भीख मांगनी चाहिए. इस मैच में भारत का प्रदर्शन बद से बदतर में स्थानांतरित हो गया, फिर धीरे-धीरे बराबरी की ओर, फिर अचानक लाभप्रद और फिर वापस निराशा की ओर - सभी चूके हुए अवसरों के कारण.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp