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हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति- सीएम
पूर्व राज्यपाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, दिवंगत सिब्ते रज़ी साहब का एक लंबा राजनीतिक जीवन था. झारखंड के राज्यपाल के तौर पर उनके कार्य को राज्य सदा याद रखेगा. उनका निधन हम सभी के लिए अपूरणीय क्षति है. मुख्यमंत्री ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को दु:ख सहन करने की शक्ति देने की कामना की.राज्यपाल रमेश बैस ने भी शोक व्यक्त किया
राज्यपाल रमेश बैस ने भी पूर्व राज्यपाल सैय्यद सिब्ते रजी के निधन पर गहरा दुःख व शोक प्रकट किया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि ईश्वर उनके परिजनों को इस दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें. इसे भी पढ़ें- 1.30">https://lagatar.in/absconding-coal-businessman-jaidev-chatterjee-arrested-in-1-crore-30-lakh-cheating-case/">1.30करोड़ ठगी मामले में फरार कोयला कारोबारी जयदेव चटर्जी अरेस्ट
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अपना अभिभावक खो दिया - राजेश ठाकुर
झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने सैयद सिब्ते रजी के निधन पर शोक व्यक्त किया. कहा कि हमने आज अपना अभिभावक खो दिया. रजी के निधन से एक अपूरणीय क्षति हुई है, जिसकी भरपाई निकट भविष्य में नहीं हो सकती. उन्होंने कहा कि उनका लंबा सामाजिक, राजनीतिक अनुभव रहा है. वो एक कुशल राजनेता और प्रखर वक्ता थे.alt="" width="1032" height="688" />
2004 से 2009 तक झारखंड के राज्यपाल रहे सैयद सिब्ते रजी
सैयद सिब्ते रजी ने झारखंड के राज्यपाल के रूप में सबसे लंबा कार्यकाल तय किया. वे वर्ष 2004 से 2009 तक झारखंड के राज्यपाल के पद पर रहे. वर्ष 2005 में उन्होंने एनडीए के बहुमत के पास होने के बावजूद झामुमो के शिबू सोरेन को सरकार बनाने का न्यौता दिया था. बाद में इस पर विवाद बढ़ा तो तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने मामले में हस्तक्षेप कर उनके फैसले को पलट दिया. इसके बाद अर्जुन मुंडा को मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी. इसे भी पढ़ें- साहित्य">https://lagatar.in/literature-is-the-biggest-way-to-change-human-beings-harivansh/">साहित्यइंसान को बदलने की सबसे बड़ी विधा : हरिवंश [wpse_comments_template]

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