Ranchi : विधानसभा के बजट सत्र में पुरानी पेंशन बहाली की औपचारिक घोषणा नहीं होंने की स्थिति में राज्य के एक लाख 25 हजार कर्मचारी रांची कूच करेंगे. पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन के प्रांतीय अध्यक्ष की ओर से कहा गया कि देश में एक ओर कांग्रेस शासित राज्य पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर रही है. वहीं झारखंड में सरकार में साझेदार दल कांग्रेस और झामुमो सिर्फ अश्वासन देने का काम रहे हैं. जबकि झामुमो के चुनाव घोषणा पत्र में भी पुरानी पेंशन की बहाली की बात कही गयी थी. लेकिन विघानसभा में जिस तरह सरकार के मंत्री पुरानी पेंशन योजना को लेकर बात कर रहे हैं, वह निराशाजनक है. सरकार पुरानी पेंशन को लागू करने की घोषणा बजट सत्र में नहीं करती है तो राज्यकर्मी आंदोलन तेज करने को बाध्य होंगे.
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संगठन ने कहा, मामले को सरकार लटका रही है
संगठन की ओर से कहा गया कि सोमवार को झारखंड विधानसभा में विनोद सिंह और लंबोदर महतो की पुरानी पेंशन बहाली के सवाल पर वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव का जवाब अत्यंत निराशाजनक एवं विचलित करने वाला है. छत्तीसगढ़ एवं राजस्थान सरकार ने बजट सत्र में ही पुरानी पेंशन बहाली की घोषणा कर दी है. परंतु सत्तारूढ़ दल के घोषणा पत्र में प्रमुखता से शामिल इस मुद्दे को लागू करने के बजाए आकलन करने जैसा बयान देना अत्यंत हतोत्साहित करने वाला है. संगठन की ओर से कहा गया कि सरकार की ओर से विधानसभा में दिये गये बयान से ऐसा प्रतीत होता है कि इस मुद्दे पर सरकार में बैठे स्वयं पुरानी पेंशन के अंतर्गत आने वाले कुछ वरीय पदाधिकारी ही विधायिका को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें - सीटिया">https://lagatar.in/surendra-prasad-became-the-national-president-of-sitia-and-bk-patel-became-the-national-general-secretary/">सीटियाके राष्ट्रीय अध्यक्ष बने सुरेंद्र प्रसाद और बीके पटेल बने राष्ट्रीय महामंत्री [wpse_comments_template]
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