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सदर अस्पताल में लाखों के एक्सपायर्ड एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लक्सासिन का भंडार

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Ranchi: सरकारी अस्पताल गरीबों के लिए लाइफलाइन कहा जाता है. यहां मिलने वाले इलाज और दवाइयों से हजारों लोगों की जिंदगी बचाई जाती है. लेकिन सदर अस्पताल के नए बिल्डिंग में स्थित स्टोर (जहां मरीजों के लिए खाना बनता है) वहां लाखों की एक्सपायर्ड दवा का भंडार है. लगातार.इन">http://lagatar.in">लगातार.इन

की पड़ताल में ये बातें आयी हैं कि एंटीबायोटिक सिप्रोफ्लक्सासिन दिसंबर 2021 में ही एक्सपायर हो चुके हैं. वहीं कुछ ऐसी भी दवाएं हैं जो एक-दो महीने के अंदर ही एक्सपायर हो जाएंगी. झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-news/">झारखंड

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alt="" width="904" height="1050" /> सदर अस्पताल के स्टोर में रखे-रखे एक्सपायर हो चुकीं दवाएं[/caption]

100 एमएल सिप्रोफ्लोक्सासिन की कीमत 17 रुपये

सिप्रोफ्लोक्सासिन 100 एमएल की छोटी सी सलाईन की बोतल है. जिसकी कीमत 17 रुपये है. अस्पताल में मरीजों को यह दवा निशुल्क दिया जाता है. इस एंटीबायोटिक दवा के निर्माण की तिथि जनवरी 2019 है. जबकि एक्सपायरी डेट दिसंबर 2021 है. एक्सपायर दवा का स्टॉक सदर अस्पताल की नयी बिल्डिंग में  स्टोर कर रखा गया है. जिसकी अनुमानित कीमत लाखों में होगी. इसे पढ़ें-मांडर">https://lagatar.in/mander-assembly-by-election-thermal-scanning-will-be-arranged-at-all-429-polling-stations/">मांडर

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सदर अस्पताल प्रबंधन ने क्या कहा

वहीं इस मामले पर सदर अस्पताल प्रबंधन के चिकित्सक डॉ सब्यसाची मंडल ने कहा कि एक्सपायर दवाएं सदर अस्पताल की नहीं हैं. उन्होंने कहा कि ये दवा पेरफेरी (पीएचसी-सीएचसी) के लिए आया होगा. दवा को सदर अस्पताल में किस वजह से स्टॉक करके रखा गया है इसकी जानकारी स्टोर कीपर ही दे सकते हैं.

क्या है सिप्रोफ्लक्सासिन एंटीबायोटिक

सिप्रोफ्लक्सासिन एक एंटीबायोटिक दवा है. जो क्विनोलोन नामक दवा के कॉम्पोजिसन से संबंधित है. इसका उपयोग बैक्टीरिया के कारण होने वाले संक्रमण के इलाज के लिए किया जाता है. यह आमतौर पर त्वचा, साइनस, हड्डी, फेफड़े, पेट, गुर्दे, प्रोस्टेट और मूत्राशय के संक्रमण के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/municipal-corporation-failed-to-stop-illegal-construction-in-ranchi-6500-cases-registered-but-action-on-only-three/">रांची

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