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पलामू में महादलित परिवारों का आशियाना उजाड़ने वालों पर हो कड़ी कार्रवाई : दीपक प्रकाश

  • 50 महादलित परिवारों को उनकी ही जमीन पर सरकारी आवास बनाकर दे सरकार
Ranchi : भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने राज्य सरकार से पलामू के मुरुमातू गांव की घटना के आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि 50 महादलित परिवारों के आशियाने को उजाड़ने वाले अत्याचारियों पर किडनैपिंग का भी केस दर्ज हो. दीपक प्रकाश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि मुरुमातू में हुई घटना राज्य के माथे पर कलंक है. 179 वर्षों से महादलितों के पूर्वज उस जमीन पर रहते आ रहे थे. कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता इशरार अहमद के नेतृत्व में महादलितों के बच्चों को अगवा किया गया और उन्हें छतरपुर के घने जंगलों में फेंक दिया गया. जब लोग बच्चों को खोजने गये, तब उनके घरों को रातों-रात जेसीबी लगाकर ध्वस्त कर दिया गया. लोगों ने वहां शिव मंदिर भी बनाया था. उसे भी अत्याचारियों ने ध्वस्त कर दिया है. यह राष्ट्रविरोधी और जघन्य काम है. इसे भी पढ़ें-धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-police-sent-youth-to-jail-for-threatening-to-repeat-ankita-murder-case/">धनबाद:

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पीड़ितों के लिए रोजगार की भी व्यवस्था की जाए

दीपक प्रकाश ने कहा कि पीड़ित वहां एक पुराने थाने में शरण लिये हुए हैं. सरकार उनकी कोई सुध नहीं ले रही है. उन्होंने मांग की है कि राज्य सरकार उन लोगों को उनकी पुश्तैनी जमीन पर ही प्रधानमंत्री आवास या अंबेडकर आवास योजना के तहत घर बना कर दे. आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के लिये रोजगार की विशेष व्यवस्था की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन महादलित परिवारों का नया आधार कार्ड पांडू की बजाय नये पते के साथ कर रहा है. प्रशासन की मंशा ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि सरकार तुष्टिकरण की नीति पर चल रही है. राज्य की आंतरिक सुरक्षा खतरे में है और गठबंधन सरकार बचाने में मस्त है.

अंकिता की मदद करना प्रशासन और सरकार को अच्छा नहीं लगा

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे, मनोज तिवारी सहित 9 लोगों पर प्राथमिकी के मामले को लेकर उन्होंने देवघर डीसी की भूमिका पर भी सवाल उठाए. दीपक प्रकाश ने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते दोनों सांसद सहित भाजपा नेता कपिल मिश्रा मृतका के परिवार से मिलने गये थे. उन्हें आर्थिक सहयोग दिया, लेकिन सरकार और जिला प्रशासन को यह अच्छा नहीं लगा. सांसदों और अन्य पर फर्जी मुकदमा कर दिया गया. वास्तव में इस मामले में खुद डीसी की भूमिका ही संदिग्ध है. इसे भी पढ़ें- सीमा">https://lagatar.in/seema-patra-case-the-victim-sunitas-hemant-sena-provided-financial-help-health-condition/">सीमा

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