Search

 
 
 

हाईकोर्ट की कड़ी टिप्पणी : पिछले कुछ वर्षों में ज्यादा PIL हुए, यह जनहित याचिका का मिसयूज

 
Ranchi : झारखंड हाईकोर्ट ने एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कड़ी टिप्पणी की है. हाईकोर्ट ने मौखिक रूप से कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में अप्रत्याशित संख्या में PIL (जनहित याचिका) दाखिल किए गए हैं. दरअसल अनुरंजन अशोक द्वारा माओवादियों को लेवी वसूलने के लिए कार्यालय उपलब्ध कराने की मांग को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई थी. जिसपर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय कुमार मिश्र की बेंच में सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर की. जिसके बाद प्रार्थी ने कोर्ट की अनुमति से जनहित याचिका वापस ले ली. प्रार्थी अनुरंजन अशोक की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने पैरवी की. वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता आशुतोष आनंद अदालत में उपस्थित हुए. अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि जितने PIL झारखंड में होते हैं, उतने शायद ही कहीं और होते हैं. ऐसा प्रतीत होता है कि यह PIL दायर करने की सुविधा का मिसयूज है. इसे भी पढ़ें - संसद">https://lagatar.in/no-relief-to-rahul-from-surats-session-court-in-case-of-cancellation-of-parliament-membership-will-approach-high-court-on-friday/">संसद

सदस्यता रद्द होने के मामले में सूरत की सेशन कोर्ट से राहुल को राहत नहीं, शुक्रवार को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटायेंगे
[wpse_comments_template]  
Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही